New Delhi: चुनावी रणभूमि से भाषा की मर्यादा, देश के विकास व आम जनमानस के हित के मुद्दे गायब क्यों?
भारतीय राजनीति में गली मोहल्ले से लेकर के देश के सर्वोच्च पद तक के चुनावों में आम जनमानस के हितों को पूरा करने की बात का जिक्र हमारे सभी चुनाव लड़ने व लड़वाने वाले लोगों के द्वारा बार-बार ढिंढोरा पीट-पीट कर किया जाता है। इन चंद लोगों के लिए देशहित के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की बात कहना एक बड़ा अहम चुनावी स्टंट बन गया है। लेकिन यह अलग बात है कि चुनाव जीतते ही देश व आम जनमानस के हि.....
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