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New Delhi: उद्देश्य से भटके संयुक्त राष्ट्र संघ को भंग क्यों नही करते?

New Delhi: उद्देश्य से भटके संयुक्त राष्ट्र संघ को भंग क्यों नही करते?

संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) का मुख्य औचित्य अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना, मानव अधिकारों की रक्षा करना, और विभिन्न राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना है। इसका गठन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1945 में 51 देशों द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य था कि भावी युद्धों को रोका वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। आज 193 देश इसके सदस्य हैं। इतने बड़े संगठन का लगता है कि आ.....

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Modi के बहाने और भागवत कथा के मायने

Modi के बहाने और भागवत कथा के मायने

एक तरफ जहां देश का गोदी मीडिया खासकर टेलीविजन ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफों के पुल बांधने में लगा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के भीतर बैठे कई नेता संघ प्रमुख मोहन भागवत की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं, कि वे कब बोलेंगे। वे कम बोलते हैं। पर उनके बोलने से भाजपा हिल जाती है। और जब नहीं बोलते तो उनकी खामोशी बोलती है। हाल ही में संघ प्रमुख ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद.....

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भारत में लगातार घटती गरीबी एवं बढ़ती धनाडयों की संख्या

भारत में लगातार घटती गरीबी एवं बढ़ती धनाडयों की संख्या

वैश्विक स्तर पर वित्तीय संस्थान अब यह स्पष्ट रूप से मानने लगे हैं कि विश्व में भारत की आर्थिक ताकत बहुत तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में जारी किए गए एक सर्वे रिपोर्ट में यह बताया गया है कि भारत में पिछले बीते वर्ष में उच्च नेटवर्थ व्यक्तियों की संख्या एवं उनकी संपतियों में अतुलनीय वृद्धि दर्ज हुई है। जबकि विश्व के कई देशों विशेष रूप से विकसित देशों में उच्च नेटवर्थ व्यक्तियों की संख्या एवं इनकी सम.....

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New Delhi: मोदी युग के 11 वर्ष और अजमेर की विकास यात्रा

New Delhi: मोदी युग के 11 वर्ष और अजमेर की विकास यात्रा

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में पिछले 11 वर्ष एक निर्णायक और परिवर्तनकारी दौर के रूप में दर्ज किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो परिवर्तनकारी नीतियाँ और योजनाएँ देश में लागू की गईं, उनका व्यापक प्रभाव आज देश के हर कोने में महसूस किया जा रहा है — और अजमेर संसदीय क्षेत्र इसका सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सबका साथ, सबका विकास, सबका.....

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जनसंचार का सशक्त माध्यम है हिन्दी पत्रकारिता

जनसंचार का सशक्त माध्यम है हिन्दी पत्रकारिता

पूर्व राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा ने लोकतंत्र में प्रेस की भूमिका के बारे में कहा था कि प्रेस पर लोकतांत्रिक परम्पराओं की रक्षा करने और शांति व भाईचारा बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय अखण्डता के संदर्भ में पत्रकारिता की भूमिका की बात करें तो लोकतंत्र के अन्य स्तंभों के मुकाबले प्रेस की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठ.....

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एमएसपी घोषणा सकारात्मक पहल तो चाकचोबंद खरीद व्यवस्था भी जरुरी

एमएसपी घोषणा सकारात्मक पहल तो चाकचोबंद खरीद व्यवस्था भी जरुरी

केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा खरीफ की बुवाई से पहले ही करने को किसानों के हित में सकारात्मक पहल के रुप में देखा जाना चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा एक तो समय पूर्व समर्थन मूल्यों की घोषणा की जा रही है वहीं दूसरी और भविष्य की रणनीति के तहत आवश्यकतानुसार उत्पादन बढाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाये जा रहे ह.....

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राष्ट्रीय पक्षी मोर के जीवन से मानव समुदाय को मिलती हैं विभिन्न प्रेरणाएं, इसका हर पहलू अनुकरणीय

राष्ट्रीय पक्षी मोर के जीवन से मानव समुदाय को मिलती हैं विभिन्न प्रेरणाएं, इसका हर पहलू अनुकरणीय

पक्षी राज मोर या मयूर, जो भारत का राष्ट्रीय पक्षी है, इसे किन कारणों से भारत का राष्ट्रीय पक्षी स्वीकार (आत्मसात) किया गया है, इसके पीछे की एक नितांत धार्मिक कहानी है जो रोचक, ज्ञानबर्द्धक और जिज्ञासा पूर्ण है। स्कन्द पुराण में वर्णित है कि पक्षीराज मोर भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय भगवान का वाहन है। कहा जाता है कि कार्तिकेय भगवान मन के बड़े चंचल थे। उन्होंने अपने मन को साधने के लि.....

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क्यों जनता भ्रष्टाचार का अनचाहा भार ढ़ोये?

क्यों जनता भ्रष्टाचार का अनचाहा भार ढ़ोये?

विभिन्न राजनीतिक दलों, विभिन्न प्रांतों की सरकारों, विभिन्न गरीब कल्याण की योजनाओं, न्यायिक क्षेत्र एवं उच्च जांच एजेंसियों में भ्रष्टाचार की बढ़ती स्थितियां गंभीर चिन्ता का विषय है। ऐसा लगता है आज हम जीवन नहीं, राजनीतिक, न्यायिक एवं प्रशासनिक मजबूरियां जी रहे हैं। ऐसा भी लगता है न्याय, राजनीति एवं प्रशासन की सार्थकता एवं साफ-सुथरा उद्देश्य नहीं रहा, स्वार्थपूर्ति का जरिया बन गया है। दिल्ली उच्च .....

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बदलते विश्व में होगी भारत की बड़ी भूमिका, बशर्ते हम पिछलग्गू ना बनें

बदलते विश्व में होगी भारत की बड़ी भूमिका, बशर्ते हम पिछलग्गू ना बनें

बीते हफ्ते जब भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम के बारूदी गुबार के बाद जीत हार के दावे और नुकसान के आकलन कर रहे थे और वाशिंगटन में बैठे राष्ट्रपति ट्रंप बार बार सीज फायर कराने का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे थे, ठीक उसी समय ब्रुसेल्स में यूरोप और ब्रिटेन इतिहास के एक नये अध्याय पर हस्ताक्षर कर रहे थे। एक ऐसा इतिहास जो खामोशी से एक ध्रुवीय विश्व को बहुध्रुवीय दुनिया की तरफ ले जा रहा था। 19 मई 2025 को ब्रु.....

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यह ग्लेशियर की मौत की शोकसभा नहीं अपितु भावी संकट का है संकेत

यह ग्लेशियर की मौत की शोकसभा नहीं अपितु भावी संकट का है संकेत

अभी दो चार दिन पहले ही भारत, भूटान, नेपाल और चीन के चुनिंदा ग्लेशियलोजिस्टों ने समुद्र तल से करीब 5100 मीटर उंचे याला ग्लेशियर के मौत की अनोखी शोकसभा का आयोजन कर दुनिया के देषो को ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव के प्रति सावचेत करने का प्रयास किया है। हांलाकि किसी ग्लेशियर की मौत की विधिवत घोषणा और मातम सभा के आयोजन का यह कोई पहला मौका नहीं है। पिछले सात सालों में यह तीसरा मौका है जब ग्लेशियर की म.....

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