इन्फ्लूएंसरों द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग आखिर कब तक
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी की भी मजाक उड़ाना या उपहास का पात्र बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पिछले कुछ सालों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग आम होता जा रहा है। यहां तक कि स्वतंत्रता के नाम पर समाज में वैमनस्य बढ़ाना, वर्ग विशेष के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करना, धार्मिक भावनाओं को आहत करना इन उपहास कर्ताओं के लिए तो सामान्य होता जा रहा है तो राजनीतिक व सोशल एक्टिविस्ट भी इसम.....
Read More