बांग्लादेश में अक्सर हिंदू कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं। कई बार हिंदुओं के मंदिरों पर हमले किये जाते हैं उनकी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है और उनके उत्सवों में बाधा पहुँचाई जाती है। कई बार हिंदुओं की नृशंस हत्या की घटनाएं भी सामने आई हैं जिसको लेकर हिंदू समुदाय के लोग खौफ में भी रहे हैं लेकिन अब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिंदुओं को बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि हिंदू समुदाय के पास भी उतने ही अधिकार हैं जितने मेरे पास हैं। हम आपको बता दें कि शेख हसीना ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर और चट्टोग्राम में जेएम सेन सभागार में हुए कार्यक्रमों में डिजिटल माध्यम से शामिल हुईं और श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
हम आपको यह भी बताना चाहेंगे कि दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान ढाका में लगने वाले मंडपों की संख्या पश्चिम बंगाल में लगने वाले मंडपों की तुलना में कहीं अधिक होती है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां हिंदू समुदाय तमाम बाधाओं के बावजूद अपने धर्म और संस्कृति को जीवित रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए कितना तत्पर रहता है। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव दो साल बाद बड़ी धूमधाम से बांग्लादेश में मनाया गया क्योंकि दो साल तक कोरोना की वजह से तमाम तरह की पाबंदियां रहीं थीं। इस उत्सव में भागीदारी करते हुए शेख हसीना ने हिंदुओं और अन्य धर्मों में विश्वास रखने वाले लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने आपको अल्पसंख्यक न मानें। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में धर्मों से परे सभी के पास समान अधिकार हैं।
शेख हसीना ने कहा हम चाहते हैं कि सभी धर्मों के लोग समान अधिकारों के साथ रहें। उन्होंने हिंदुओं से कहा कि आप इस देश के लोग हैं आपको यहां समान अधिकार प्राप्त हैं आपके पास भी वही अधिकार हैं जो मेरे पास हैं। शेख हसीना ने कहा कि हम भी आपको समान रूप से देखना चाहते हैं। कृपया स्वयं को दूसरों से कम न समझें। आप इस देश में पैदा हुए हैं। आप इस देश के नागरिक हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस बात पर दुख भी जाहिर किया कि जब भी कोई अवांछित घटना होती है तो उसे इस तरह बढ़चढ़ा कर पेश किया जाता है मानो बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के पास कोई अधिकार ही नहीं हैं।
बांग्लादेशी मीडिया में शेख हसीना का यह भाषण खूब सुर्खियां बटोर रहा है। प्रोथोम आलो अखबार में हसीना को यह कहते हुए उद्धृत किया गया है घटना को ऐसा रंग दिया जाता है मानो बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के पास कोई अधिकार ही नहीं हैं। और घटना के बाद सरकार द्वारा की गई कार्रवाई को समुचित महत्व ही नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और अवामी लीग किसी भी धर्म के लोगों को तवज्जो नहीं देने में विश्वास नहीं करती। शेख हसीना ने कहा मैं साफ कह सकती हूं। हमारी सरकार इसे लेकर पूरी तरह सतर्क है और मैं इसका आपको आश्वासन दे सकती हूं। हम आपको बता दें कि साल 2022 की जनगणना के अनुसार बांग्लादेश में हिंदू समुदाय दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है। 16 करोड़ से अधिक आबादी वाले बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 7.95 प्रतिशत है।
हम आपको याद दिला दें कि हाल ही में बांग्लादेश के नरेल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा अपराध हुए थे जिस पर भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बांग्लादेश सरकार को हिंदुओं की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने के लिए कहा था। इसलिए शेख हसीना ने जन्माष्टमी पर जो कुछ कहा है वह कट्टरपंथियों के मुंह पर तमाचा और हिंदुओं के लिए बड़े आश्वासन के रूप में देखा जा रहा है। जहां तक शेख हसीना के व्यक्तित्व की बात है तो आपको बता दें कि अनुभवी राजनेता हसीना ने पड़ोसियों के साथ न केवल संबंधों को मजबूत करने का काम किया बल्कि अपने देश को नयी ऊंचाइयों पर भी लेकर गयीं हैं। देश में अगले साल चुनाव होने हैं ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि कहीं यह हिंदू वोट बैंक को साधने की कोशिश तो नहीं है।