हुसैन ने पूरी कीं कृष्ण की मन्नतें , कृष्ण के घर पर हुसैन की याद में रखा जाने लग गया ताज़िया , ये ही तो हिंदुस्तान है

हुसैन ने पूरी कीं कृष्ण की मन्नतें , कृष्ण के घर पर हुसैन की याद में रखा जाने लग गया ताज़िया , ये ही तो हिंदुस्तान है

जिला हो भक्त प्रह्लाद का , कस्बा हो श्रीहरि रूप वामन अवतार का , महीना हो भोलेनाथ का , घर हो मुरारी का , द्वार हो गणपति जी गणेश का और चबूतरे पर हो ताज़िया हुसैन की याद का ...

अखबारों में , टीवी पर , सोशल मीडिया पर आए दिन खबरें आती हैं , बाते होती हैं कि देश मे सांप्रदायिक सौहाद्र बिल्कुल खतरे के निशान के पास पहुंच गया है , जरा सी बात पर लोग सर तन से जुदा जैसी बातें करने लगते हैं , मरने मारने को उतारू होने लग जाते हैं पर इसी देश मे कृष्ण मुरारी कश्यप जैसे लोग भी हैं जो सांप्रदायिक सौहाद्र की मिसाल बने हुए हैं , जिनको देखकर यही लगता है कि जो भी हम टीवी पर देख रहे हैं या सोशल मीडिया पर पढ़ रहे हैं , सब झूठ है , भ्रम है , राजनैतिक एजेंडा मात्र है ।

हरदोई जिले के बावन कस्बे में रहने वाले कृष्ण मुरारी कश्यप पिछले 2 सालों से मुहर्रम पर इमाम हुसैन की याद में अपने घर मे ताज़िया रख रहे हैं , इनका परिवार पिछले कई सालों से ऐसा करता आ रहा है । मुरारी कश्यप ऐसा क्यों करने लगे इसके पीछे की वज़ह भी बड़ी दिलचस्प है । कस्बे के रहने वाले शानू खान बताते हैं कि 2 साल पहले मुरारी ने मन्नत मांगी थी अपनी बिटिया की शादी की जो हो गयी , इस पर उन्होंने ताज़िया रखा था , उसके बाद मुरारी ने मन्नत मांगी पौत्र की , वो भी पूरी हुई सो ताज़िया रखने का क्रम चल पड़ा , मन्नत भी पूरी हुई और इस कठिन समय मे सांप्रदायिक सौहाद्र की मिसाल भी बनीं ।

वाकई में ये ही तो हिंदुस्तान है , यही हम हैं , यही राम राज है ।

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