सांप से कटवाकर पति को मौत के घाट उतारने वाली को Hang till Death की सजा

सांप से कटवाकर पति को मौत के घाट उतारने वाली को Hang till Death की सजा

पति की हत्या कर शव को सांप से कटवाया,मेरठ कोर्ट ने कातिल पत्नी और प्रेमी को सुनाई फांसी की सजा

​मेरठ की अपर जिला एवं सत्र अदालतकोर्ट ने बहुचर्चित सर्पदंश हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कातिल पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी (सजा-ए-मौत) की सजा सुनाई है। न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने इस कत्ल को दुर्लभ से दुर्लभतम (Rare of Rare) अपराध करार देते हुए दोनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया। अवैध संबंधों के चलते रची गई इस खौफनाक साजिश में हत्या को प्राकृतिक हादसा साबित करने के लिए बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ा गया था, लेकिन डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आगे कातिलों का शातिराना खेल पूरी तरह बेनकाब हो गया।

​मामला बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात का है। टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करने वाले अमित कश्यप की शादी रविता से हुई थी। अमित के साथ काम करने वाला उसका पड़ोसी अमरदीप अक्सर घर आता-जाता था, जिसके चलते रविता और अमरदीप के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। जब अमित को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने कड़ा विरोध किया और अमरदीप के घर आने पर पाबंदी लगा दी। अपने रास्ते का कांटा हटाने के लिए दोनों ने अमित को ऐसी मौत देने की योजना बनाई जिस पर कोई शक न कर सके। अमरदीप ने एक सपेरे से पूजा-जागरण का बहाना बनाकर 1,000 रुपये में एक जहरीला सांप खरीदा।

​वारदात की रात 12-13 अप्रैल को जब अमित गहरी नींद में सो गया, तब रविता ने फोन कर अमरदीप को घर के भीतर बुला लिया। इसके बाद रविता ने अमित के हाथ-पैर मजबूती से पकड़े और अमरदीप ने तकिये से उसका मुंह व गला बेरहमी से दबा दिया। अमित ने छटपटाते हुए बचने का प्रयास किया, लेकिन गला इतनी ताकत से घोंटा गया कि उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई और दम घुटने से मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। अमित की मौत सुनिश्चित करने के बाद अमरदीप ने डिब्बे से जहरीला सांप निकालकर उसके शव पर छोड़ दिया। सांप ने बेजान जिस्म पर कई जगह डसा। सुबह रविता ने रोने-चीखने का ढोंग कर परिजनों को बताया कि अमित को सोते समय सांप ने काट लिया है।

​शुरुआत में परिवार ने इसे हादसा मान लिया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे षड्यंत्र की परतें उधेड़ दीं। डॉक्टरों के पैनल ने खुलासा किया कि अमित की मौत जहर से नहीं, बल्कि गला दबने और गर्दन की हड्डी टूटने (Asphyxia) से हुई थी। पुलिस ने फौरन हत्या का मुकदमा दर्ज कर कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें घटना के आसपास दोनों के बीच 51 बार बातचीत के पुख्ता प्रमाण मिले। पुलिस ने सपेरे को भी गवाह बनाया, जिसने अदालत में अमरदीप को सांप बेचने की बात कबूल की।अभियोजन पक्ष के 12 गवाहों और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानकर फांसी के फंदे तक पहुंचाने का अंतिम फैसला सुनाया।


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