Flipkart और Myntra का डिस्काउंट खेल! चुनिंदा विक्रेताओं को फायदा पहुंचाने का आरोप, CCI में एंटी-ट्रस्ट शिकायत दर्ज

Flipkart और Myntra का डिस्काउंट खेल! चुनिंदा विक्रेताओं को फायदा पहुंचाने का आरोप, CCI में एंटी-ट्रस्ट शिकायत दर्ज

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में एक नई एंटी-ट्रस्ट शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें कंपनी पर चुनिंदा विक्रेताओं को असमान रूप से लाभ पहुंचाने और बाजार में प्रतिस्पर्धा विरोधी तरीके अपनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ‘फोरम फॉर इंटरनेट रिटेलर्स, सेलर्स एंड ट्रेडर्स’ (FIRST) नामक संस्था ने यह शिकायत दर्ज कराई है और CCI के डायरेक्टर जनरल से इस मामले की गहन जांच की मांग की है।


क्या हैं मुख्य आरोप?

शिकायत में दावा किया गया है कि फ्लिपकार्ट निवेशकों की पूंजी का इस्तेमाल कर 14 लाख से अधिक सामान्य विक्रेताओं को भारी नुकसान पहुंचाते हुए महज 33 चुनिंदा सेलर्स को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सामान उपलब्ध करा रहा है। इन चुनिंदा सेलर्स में ओमनीटेक रिटेल, सुपरकॉम नेट और ट्रूकॉम रिटेल जैसे नाम शामिल हैं, जो फिर इसी माल को फ्लिपकार्ट के प्लेटफॉर्म पर अन्य विक्रेताओं की तुलना में बेहद सस्ते दामों पर बेचते हैं।



खुद को मार्केटप्लेस बताकर इन्वेंट्री मॉडल पर काम करने का आरोप

FIRST ने अपनी शिकायत में गंभीरता से यह भी कहा है कि फ्लिपकार्ट ने अपने पूरे कामकाज का ढांचा इस तरह तैयार कर रखा है कि असल में वह इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल पर काम करता है, लेकिन दिखावे के लिए खुद को मार्केटप्लेस बताता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाजार दर से नीचे सामान बेचने के लिए जरूरी धनराशि पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट से आती है और इसके साथ ही गलत तरीके से टैक्स लाभ भी उठाए जा रहे हैं।


हर साल 3000 करोड़ का ‘सब्सिडी पूल’ बनाने का दावा

शिकायत में एक गंभीर दावा यह भी किया गया है कि फ्लिपकार्ट ने जीएसटी छूट का गलत तरीके से फायदा उठाकर हर साल करीब 3,000 करोड़ रुपये का एक “खुद-ब-खुद भरने वाला सब्सिडी पूल” तैयार कर लिया है। FIRST, जो कि सेबी में पंजीकृत ‘इंडिया एसएमई फोरम’ की एक पहल है, ने यह शिकायत सिर्फ फ्लिपकार्ट के खिलाफ नहीं, बल्कि इसकी पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट और मिंत्रा, लॉजिस्टिक्स व ईकार्ट लॉजिस्टिक्स जैसी सहयोगी कंपनियों के खिलाफ भी की है।


फ्लिपकार्ट का जवाब


फ्लिपकार्ट ने इस मामले में अपना जवाब दिया है। कंपनी ने कहा है कि फ्लिपकार्ट सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करते हुए काम करता है और जरूरत पड़ने पर किसी भी रेगुलेटरी प्रक्रिया में सहयोग करेगा। फ्लिपकार्ट ने बताया कि वह 1.4 मिलियन से ज्यादा सेलर्स, जिनमें ज्यादातर MSMEs, FPOs और छोटे बिजनेस शामिल हैं, को पूरे भारत में ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है। कंपनी ने कहा कि उसका फोकस सेलर्स, कंज्यूमर्स और डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए वैल्यू बनाने पर है।


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