French Open से पहले Prize Money पर बवाल, Jannik Sinner बोले- ये सम्मान की लड़ाई है

French Open से पहले Prize Money पर बवाल, Jannik Sinner बोले- ये सम्मान की लड़ाई है

टेनिस की दुनिया में इन दिनों इनामी राशि को लेकर बहस तेज होती जा रही है और अब दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी भी खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार विश्व नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर ने फ्रेंच ओपन में घोषित नई इनामी राशि पर निराशा जताई है और इसे खिलाड़ियों के योगदान के मुकाबले कम बताया है।

रोलां गैरो के आयोजकों ने इस बार कुल इनामी राशि में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 61.7 मिलियन यूरो कर दिया है। हालांकि खिलाड़ियों का मानना है कि यह बढ़ोतरी टूर्नामेंट की कुल कमाई के हिसाब से पर्याप्त नहीं है और उनकी मेहनत के हिसाब से नहीं है।

यानिक सिनर ने इटैलियन ओपन के दौरान प्रेस वार्ता में कहा कि यह मुद्दा केवल पैसे का नहीं बल्कि सम्मान का है। उनके अनुसार खिलाड़ी खेल को जितना देते हैं, उसके मुकाबले उन्हें उतना सम्मान और लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरुष और महिला वर्ग के शीर्ष 10-10 खिलाड़ियों ने इस विषय पर एक संयुक्त पत्र लिखा था, लेकिन एक साल बाद भी कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

मौजूद जानकारी के अनुसार खिलाड़ियों ने केवल इनामी राशि ही नहीं बल्कि बेहतर प्रतिनिधित्व, स्वास्थ्य सुविधाएं और पेंशन जैसी मांगें भी उठाई हैं। सिनर का कहना है कि अन्य खेलों में अगर शीर्ष खिलाड़ी इस तरह की मांग रखते हैं तो जल्दी समाधान निकलता है, लेकिन टेनिस में अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।

गौरतलब है कि कुछ खिलाड़ी इस मुद्दे को लेकर कड़ा रुख अपनाने पर भी विचार कर रहे हैं। महिला टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी अरिना सबालेंका ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो वह फ्रेंच ओपन का बहिष्कार कर सकती हैं। सिनर ने भी माना कि लगातार निराशा के बाद खिलाड़ी किसी समय सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

बता दें कि फ्रेंच ओपन 24 मई से शुरू होने जा रहा है, जिसमें एकल वर्ग के विजेताओं को 2.8 मिलियन यूरो और उपविजेताओं को 1.4 मिलियन यूरो मिलेंगे। सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को 7.5 लाख यूरो और पहले दौर में बाहर होने वाले खिलाड़ियों को भी 87 हजार यूरो की राशि दी जाएगी।

हालांकि मौजूद जानकारी के अनुसार खिलाड़ियों का मानना है कि कुल इनामी राशि में बढ़ोतरी के बावजूद यह वृद्धि अन्य बड़े टूर्नामेंट के मुकाबले कम है। उदाहरण के तौर पर पिछले साल अमेरिकी ओपन में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे तुलना करने पर यह बढ़ोतरी कम नजर आती है।

फिलहाल सभी की नजरें आगामी विंबलडन और अमेरिकी ओपन पर टिकी हैं, जहां इनामी राशि को लेकर बेहतर फैसले की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है तो आने वाले समय में टेनिस जगत में बड़ा विवाद देखने को मिल सकता है।

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