बिहार की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बाद अब सबकी निगाहें जनता दल (यूनाइटेड) की आगामी रणनीति पर टिकी हैं। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, सोमवार को पार्टी के नए नेता के चयन के लिए JDU विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक पटना स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 1, अणे मार्ग पर आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी के सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य (MLC) शिरकत करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार करेंगे। इस दौरान विधानमंडल दल के नेता और उपनेता का चुनाव किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, नए नेता के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कुछ नामों पर मंथन हो रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में ही लिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार पांडे के अनुसार, बिहार की बदली हुई परिस्थितियों में यह बैठक जद(यू) की भावी रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जद(यू) अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में सहयोगी दल की भूमिका निभाएगी।
सियासी गलियारों में हलचल
नीतीश कुमार का इस्तीफा और JDU का नई भूमिका में आना बिहार की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है। 1, अणे मार्ग पर होने वाली इस बैठक के नतीजों का असर न केवल पार्टी के आंतरिक ढांचे पर पड़ेगा, बल्कि बिहार सरकार के कामकाज और NDA के तालमेल पर भी दिखेगा। शाम तक स्पष्ट हो जाएगा कि नीतीश कुमार अपनी विरासत की कमान आधिकारिक तौर पर किसे सौंपते हैं।
