प्रयागराज में बैंकिंग सेक्टर को हिला देने वाला एक बड़ा घोटाला सामने आया है। केनरा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर नकली सोना रखकर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस पूरे प्रकरण में कुल 18 गोल्ड लोन खातों में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, जिसमें 16 लोगों द्वारा बैंक को चूना लगाने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों ने नकली सोने को गिरवी रखकर बैंक से 57 लाख 19 हजार 800 रुपये का गोल्ड लोन प्राप्त किया। समय के साथ इस राशि पर ब्याज जुड़ने के बाद कुल वैल्यू 64 लाख रुपये से अधिक हो गई। मामले का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन के होश उड़ गए।
बैंक की ओर से की गई जांच में सामने आया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा एक संगठित सिंडिकेट के जरिए किया जा रहा था। इसमें गोल्ड अप्रेजर (स्वर्ण परीक्षक) की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। बैंक आमतौर पर गोल्ड लोन देने से पहले सोने की जांच अप्रेजर की रिपोर्ट के आधार पर करता है, लेकिन इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर यह घोटाला किया गया।
