बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के दौरान भारत के खिलाड़ियों के लिए दिन कुछ खास नहीं रहा और इसके साथ ही तकनीकी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चीन के निंगबो में चल रहे इस टूर्नामेंट में भारतीय शटलर एच एस प्रणय ने कोर्ट नंबर दो पर हॉकआई तकनीक की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई है।
बता दें कि प्रणय को दूसरे दौर में चीन के खिलाड़ी वेंग होंग यांग के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। मौजूद जानकारी के अनुसार, उन्होंने मुकाबले में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन निर्णायक क्षणों में तकनीकी सहायता न होने को लेकर सवाल खड़े किए।
गौरतलब है कि इसी कोर्ट पर दिनभर हॉकआई उपलब्ध नहीं था, जिससे अन्य खिलाड़ी भी प्रभावित हुए। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधु भी अपने मुकाबले के दौरान इस स्थिति से असहज नजर आईं। सिंधु को भी चीन की वांग झी यी के खिलाफ सीधे गेम में हार झेलनी पड़ी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, हॉकआई तकनीक का इस्तेमाल बैडमिंटन में 2014 से किया जा रहा है, जो शटल के गिरने की सटीक जगह को दिखाने में मदद करता है। ऐसे में बड़े टूर्नामेंट में इसका न होना खिलाड़ियों के लिए असंतोष का कारण बन रहा है। प्रणय ने सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि इतने बड़े स्तर के टूर्नामेंट में ऐसी कमी हैरान करने वाली है।
अन्य मुकाबलों की बात करें तो मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्तो की जोड़ी को मलेशिया के खिलाड़ियों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वहीं, उन्नति हुड्डा भी अपने मुकाबले में जापान की खिलाड़ी के खिलाफ टिक नहीं सकीं। महिला युगल में श्रुति मिश्रा और प्रिया कोंजेंगबाम की जोड़ी का अगला मुकाबला कड़े प्रतिद्वंद्वियों से होना है।
हालांकि, भारतीय खेमे के लिए एक अच्छी खबर आयुष शेट्टी के रूप में आई, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने चीनी ताइपे के खिलाड़ी को सीधे गेम में हराकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है और अब उनका अगला मुकाबला तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से होगा।
