लखनऊ से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 3 पूर्व यूक्रेनी सैनिकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सभी भारत के खिलाफ साजिश रच रहे थे और म्यांमार में आतंकी नेटवर्क को प्रशिक्षित कर रहे थे। इनके संबंध अंतरराष्ट्रीय ड्रोन-आतंकी नेटवर्क से भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, NIA ने इसी नेटवर्क से जुड़े 4 और आरोपियों को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी और उनका नेटवर्क
NIA सूत्रों के मुताबिक, 13 मार्च को लखनऊ एयरपोर्ट से पेट्रो हुरबा (36), तारास स्लिवियाक (37) और इवान सुकमानोव्स्की (34) को हिरासत में लिया गया। ये तीनों ड्रोन तकनीक के जानकार हैं और भारत में दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे।
UAE से भारत, फिर म्यांमार की ओर
जांच में पता चला कि ये तीनों 18 दिसंबर 2025 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत पहुंचे। इसके बाद मिजोरम के रास्ते म्यांमार के चिन राज्य में गए, जहां उन्होंने आतंकी संगठनों से संपर्क किया। नेटवर्क यूरोप से ड्रोन म्यांमार तक पहुंचाने में लगा था। इन ड्रोन का इस्तेमाल “Ethnic Armed Groups” (EAGs) के जरिए भारत में प्रतिबंधित संगठनों को हथियार, तकनीक और ट्रेनिंग देने के लिए किया जाना था।
लखनऊ में घेराबंदी और गिरफ्तारी
लखनऊ एयरपोर्ट पर आते ही आरोपियों ने होटल में कमरा लिया, जहां होटल स्टाफ ने पहचान दस्तावेज और फॉर्म C मांगा। उनकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद जानकारी एजेंसी और एम्बेसी के साथ साझा की गई। इसके बाद इमिग्रेशन विभाग ने इन्हें एयरपोर्ट पर रोक लिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केवल लखनऊ में एक दिन रुकने का प्लान किया था और आगे के लिए कुआलालंपुर की फ्लाइट बुक की थी।
कानूनी कार्रवाई
NIA ने तीनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि ये भारत की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रच रहे थे और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। एजेंसी उनसे पूछताछ कर नेटवर्क को खंगाल रही है।
कोलकाता से अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार
बड़े ऑपरेशन के तहत NIA ने कोलकाता एयरपोर्ट से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को भी गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, वह म्यांमार में उग्रवादियों को हथियार और ट्रेनिंग देने में सक्रिय था। इसके अलावा, दिल्ली एयरपोर्ट से चार और यूक्रेनी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनकी इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में अहम भूमिका थी।
