विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ गया है। सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के भीतर दरारें इतनी गहरी हो गई हैं कि गठबंधन के अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगा है। मुख्यमंत्री एन. रंगसामी की पार्टी NR कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच उपजे विवादों ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह उलझा दिया है।
NR कांग्रेस की BJP के शीर्ष नेताओं से पूर्ण राज्य के दर्जे की गारंटी की मांग
इस दरार की मुख्य वजह NR कांग्रेस का यह कड़ा रुख है कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह, किसी एक से पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए स्पष्ट आश्वासन मिले। यह पुरानी मांग चुनावों से ठीक पहले एक बार फिर ज़ोर-शोर से उठाई गई है, जिससे गठबंधन पर दबाव बढ़ गया है और पुडुचेरी की केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) के दर्जे से बाहर निकलकर पूर्ण राज्य बनने की चाहत उजागर हुई है।
LJK को शामिल करने पर आपत्ति: लॉटरी किंग की विरासत से जुड़ा मामला
NR कांग्रेस ने NDA में लक्ष्या द्रविड़ जननायक काची (LJK) को शामिल किए जाने का कड़ा विरोध किया है। इस पार्टी का नेतृत्व चार्ल्स मार्टिन के बेटे कर रहे हैं, जो एक विवादित लॉटरी किंग साम्राज्य के वारिस हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह जुड़ाव राजनीतिक रूप से सही नहीं है; इससे पार्टी के भीतर कलह बढ़ रही है और ऐसे लोगों को गठबंधन में जगह देने की NDA की व्यापक रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
गठबंधन टूटने की आशंका: रंगसामी की TVK के साथ नए गठबंधन पर नज़र
एक नाटकीय मोड़ में, मुख्यमंत्री एन. रंगसामी, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे NDA से अलग होने वाले हैं, आज या कल में ही विजय की पार्टी, तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के साथ एक नए गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। इस संभावित फेरबदल से पुडुचेरी के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं; पार्टियां इस बेहद अहम चुनाव में बढ़त बनाने की होड़ में लगी हैं, जिससे चुनावी मुकाबले की नई लकीरें खिंच सकती हैं।
