कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल रैली ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी। रैली से पहले और रैली के दौरान पूरा क्षेत्र मानो भगवा रंग में रंगा दिखाई दिया। सड़कों पर उमड़ी भीड़, भाजपाई झंडों और नारों से भरे माहौल ने यह संकेत दिया कि राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की लहर चल रही है। दूर दूर से आए लाखों लोगों की भीड़ ने मैदान और आसपास के इलाके को पूरी तरह भाजपामय बना दिया था, जिससे यह साफ दिख रहा था कि बंगाल की राजनीति में नया अध्याय लिखा जाने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर पश्चिम बंगाल में 18680 करोड़ रुपये की कई बड़ी संपर्क और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि देश के विकास का एक नया अध्याय बंगाल से लिखा जा रहा है और ये परियोजनाएं व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति देंगी। हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ने 231 किलोमीटर लंबे खड़गपुर मोरेग्राम आर्थिक गलियारे के पांच हिस्सों के निर्माण का शिलान्यास किया। इसके साथ ही दुबराजपुर बाइपास, राष्ट्रीय राजमार्ग 14 पर कंगसबती और शिलाबती नदियों पर अतिरिक्त चार लेन पुलों का निर्माण भी शुरू किया गया। रेल क्षेत्र में भी कई परियोजनाओं की शुरुआत की गई। उन्होंने पुरुलिया आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और छह रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसके अलावा बेलदा से दांतन के बीच तीसरी रेल लाइन तथा कालैकुंडा और कानिमोहुली के बीच स्वचालित सिग्नल प्रणाली भी राष्ट्र को समर्पित की गई। प्रधानमंत्री ने हल्दिया डॉक परिसर में बर्थ 2 के यंत्रीकरण तथा कोलकाता के खिदिरपुर डॉक के पुनरुद्धार कार्य की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इन पहलों से बंदरगाह क्षमता बढ़ेगी और कारोबार को नया बल मिलेगा।
रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ब्रिगेड मैदान में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि बंगाल के लोगों के मन में परिवर्तन की भावना मजबूत हो चुकी है। उनके अनुसार बंगाल में अब बदलाव तय है और जंगल राज का अंत निकट है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर किए जा रहे हमलों को भी शर्मनाक बताया और कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है।
हम आपको यह भी बता दें कि रैली से पहले शहर के कुछ हिस्सों में भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की खबरें भी सामने आईं। इस दौरान कई लोग और एक पुलिस अधिकारी घायल हुए। तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके दफ्तर और घर पर पथराव किया। बहरहाल, इन घटनाओं के बावजूद रैली में उमड़ा जनसैलाब और भगवा रंग में डूबा माहौल यह संकेत दे रहा था कि बंगाल की राजनीति एक नए मोड़ की ओर बढ़ रही है।
