अच्छी थी पगडंडी अपनी
सड़कों पर तो जाम बहुत है , ये कविता याद है न ?
गली गली चलो भाई जाम बहुत बहुत है , उधर बहुत है , इधर भी बहुत है । आख़िर क्यों है जाम , क्या कहते हैं ज़िम्मेदार ?
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ऐसा हरदोई दौरा किया कि शहर वासियों को जाम का दौरा पड़ गया ! जूझिय गओ शहर आज।
क्यों कहा एक जिम्मेदार नेता ने कि प्रशासन को सहयोग करना पड़ेगा ?
क्यों और किसके दबाब में नही हट रहीं स्टेट हाइवे के फुटपाथ को निगल सी गईं प्राइवेट बसें?
क्यों फेल हो रहा है ई रिक्शा का रूट निर्धारण प्लान ?
जानिये , समझिये और तय करिए , जन की बात जिम्मेदार के साथ मैं , मैं यानि अभिनव ।आख़िर तक देखियेगा , मिलेगा बहुत कुछ ।
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