उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (2 फरवरी) को लखनऊ में केंद्रीय बजट 2026-27 पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस काल्पनिक बजट के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। केंद्रीय वित्त मंत्री जी को मैं धन्यवाद देता हूं। पिछले 11 सालों में हमने जो यात्रा तय की है उसकी बदौलत जो नीतियां तय हुई उसी का परिणाम है कि 25 करोड़ आबादी गरीबी रेखा से उभरकर भारत की प्रगति में योगदान दे रहे हैं... ये पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से बनकर सामने आया है। हर भारतीयों को अपने कर्तव्यों का एहसास कराने का भी बजट आग्रह कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एमएसएमई, स्टार्टअप और स्वदेशी उत्पादन को समर्थन देकर आत्मनिर्भर भारत की नींव को और सुदृढ़ किया गया है। योगी ने भरोसा जताते हुए कहा, “पूर्ण विश्वास है कि सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और सुशासन के माध्यम से यह बजट वर्तमान के साथ भविष्य के भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपायों की घोषणा की, वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए दीर्घकालिक कर प्रोत्साहन की पेशकश की और कृषि और पर्यटन के लिए समर्थन की घोषणा की। उन्होंने 2026-27 के लिए 53.5 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसे बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच विकास को बनाए रखने के लिए एक दीर्घकालिक खाका के रूप में देखा जा रहा है।
