हरदोई - बैंक हड़ताल , कामकाज ठप्प , 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

हरदोई - बैंक हड़ताल , कामकाज ठप्प , 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

हरदोई (उत्तरप्रदेश)

बैंकों की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते मंगलवार को जिले की करीब 250 बैंक शाखाओं में बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप्प रहा। अधिकांश बैंको के ताले तक न खुले। जिले में करीब 500 करोड़ के बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। 

हड़ताली बैंककर्मी सुबह साढ़े दस बजे भारतीय स्टेट बैंक की स्टेशन रोड़ स्थित मुख्य शाखा पर इकट्ठे हुए। यहाँ जोरदार धरना प्रदर्शन हुआ। हाथों में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग और हड़ताल की पट्टियां पकड़े आक्रोशित बैंककर्मियों ने सरकार पर बैंक मैनेजमेंट और यूनियंस की सहमति को लागू करने में हीलाहवाली का आरोप लगाया।

इस बैंक हड़ताल का आह्वाहन बैंक अधिकारियों के 4 व कर्मचारियों के 5 संगठनों ने मिलकर किया। बैंककर्मी नेताओं का केंद्र सरकार पर आरोप रहा कि वो बैंक यूनियंस और बैंक मैनेजमेंट के बीच 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत बनी कानूनी सहमति को लागू नही कर रहा है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के स्थानीय संयोजक राकेश पाण्डेय ने हड़ताल के पूरी तरह सफल रहने का दावा करते हुए कहा कि अगर सरकार 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लागू करते हुए सभी शनिवारों को बैंक अवकाश नही घोषित करती तो आंदोलन और गहरायेगा और लंबी हड़तालें होगी।

यूएफबीयू के कार्यवाहक चेयरमैन और कर्मचारी संगठन एनसीबीई  क्षितिज पाठक ने कहा कि बैंक कर्मचारियों द्वारा प्राप्त प्रत्येक उपलब्धि एकजुट संघर्ष और सामूहिक बलिदान का परिणाम रही है। कल की हड़ताल सरकार और बैंक प्रबंधन को यह स्पष्ट और अडिग संदेश दे कि समझौतों का अपमान नहीं किया जा सकता और कर्मचारियों के अधिकारों को कुचला नहीं जा सकता।

अधिकारी संगठन एबाक नेता अनूप सिंह ने कहा कि यह हड़ताल केवल एक विरोधात्मक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह हमारे कड़े संघर्ष से अर्जित अधिकारों, सामूहिक सौदेबाज़ी की पवित्रता तथा प्रत्येक बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी के कार्य–जीवन संतुलन के प्रति हमारा दृढ़ संकल्प है। 

अधिकारी संगठन नोबो के नेता हर्षित ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान स्पष्ट एवं लिखित सहमति के बावजूद, संबंधित प्राधिकरणों द्वारा 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के क्रियान्वयन में निरंतर विलंब किया गया है और अब तक इसे लागू नहीं किया गया है, जिससे हमें अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए बाध्य होना पड़ा है।

भारतीय स्टेट बैंक पर हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन का नेतृत्व स्टेट बैंक के राजेश सिंह, गौरव गोयल, सचिन मिश्रा, मुबारक़ अली, अखिलेश पंकज, आनंद राहुल, विनोद, मुकेश, आनंद दीक्षित, सुलेमान ने किया। महिला बैंक कर्मियों में प्रमुख रूप से वर्षा मेहरोत्रा, प्रिया रस्तोगी, अनामिका सिंह, वंदना, संचिता, श्रेया, प्रियंका, मोनिका, दीक्षा, निर्मला शामिल रही।  वेदप्रकाश पाण्डेय,  अजय मेहरोत्रा, आनंद वर्मा, अनुज सिंह, पंकज पाण्डेय, आदर्श बाजपेई, कौशलेंद्र शुक्ल, अमित पाण्डेय, वरुण, शैलेश,अनिल सिंह, देवेंद्र, कुलदीप,अनिल, सुभाष, अनादि, श्याम सुंदर, गुड्डू, संदीप, अखिलेश, राजकुमार, शैलेन्द्र, अखण्ड,राजन, धरम, चेतन, विपिन गुप्ता, अमित पांडे, अमित वर्मा, मुकुल, पवन मिश्रा, ओमेंद्र, अर्शदीप, अंकित आदि मौजूद रहे।

Bank Strike protest 


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