नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम दिल्ली पुलिस की नई FIR में आने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और सरकारी एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है।
वरिष्ठ कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करने और विपक्ष को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
एफआईआर पर कांग्रेस का पलटवार
रविवार को दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने सोनिया और राहुल गांधी सहित कई लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने के आरोप में नई FIR दर्ज की है। इस पर केसी वेणुगोपाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह बिल्कुल साफ है कि ईडी औरसीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस और विपक्ष को टारगेट करने के लिए किया जा रहा है। वे चाहे जितने भी केस रजिस्टर करें, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।
वेणुगोपाल ने कहा कि पहले भी राहुल गांधी को एक केस के आधार पर लोकसभा से डिसक्वालिफाई किया गया था। उन्होंने जोर देकर कहा, ये केस हमें डरा नहीं सकते। उन्होंने कहा, भारतीय लोकतंत्र एक गंभीर संकट से गुजर रहा है। देश भर में जिसने भी आजादी से सोचना शुरू किया है, वह यह साफ देख सकता है।
चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप
वेणुगोपाल ने वोटर लिस्ट की सफाई के लिए चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रोग्राम पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR का असली मकसद वोटर लिस्ट को साफ करना नहीं, बल्कि वोटर के व्यवहार पर असर डालना और वोटों को टारगेट करके डिलीट करना है।
उन्होंने केरल में सत्तारूढ़ CPI(M) पर भी इसका इस्तेमाल अपने फ़ायदे के लिए करने और उन वोटों को हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया जिन्हें वे पसंद नहीं करते हैं।
एफआईआर में कौन-कौन है आरोपी?
दिल्ली पुलिस की नई FIR में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक साजिश के तहत नेशनल हेराल्ड अखबार की पेरेंट कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) पर धोखे से कब्जा किया गया।
एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी और एक अज्ञात व्यक्ति का नाम है। साथ ही, तीन कंपनियों, AJL, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड, को भी आरोपी बनाया गया है।
