अगर आप यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश दिया है कि वे 1 अप्रैल 2024 से उन यूपीआई आईडी को हटा दें, जो इनएक्टिव मोबाइल नंबरों से लिंक हैं। इसका मतलब यह हुआ कि यदि आपका मोबाइल नंबर निष्क्रिय या बंद है और वह Google Pay, Paytm, PhonePe जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप्स से जुड़ा है, तो आप इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। आइए समझते हैं कि यह फैसला क्यों लिया गया और इससे कैसे बचा जा सकता है।
NPCI के अनुसार, यूपीआई आईडी से जुड़े इनएक्टिव मोबाइल नंबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। जब कोई यूजर अपने बैंक खाते में नंबर अपडेट किए बिना नया मोबाइल नंबर ले लेता है, तो उसका पुराना नंबर री-असाइन हो सकता है। ऐसे में यदि कोई नया व्यक्ति वही नंबर प्राप्त कर लेता है और वह अभी भी पहले के यूपीआई अकाउंट से जुड़ा रहता है, तो धोखाधड़ी (fraud) की आशंका बढ़ जाती है। इस तरह के साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए NPCI ने सभी बैंकों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे अपने सिस्टम से ऐसे निष्क्रिय मोबाइल नंबरों को हटाएं। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि केवल सक्रिय और सही मोबाइल नंबरों वाले ग्राहक ही यूपीआई सेवाओं का उपयोग कर सकें।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
अगर आपका मोबाइल नंबर बदला गया है और आपने इसे अपने बैंक खाते में अपडेट नहीं किया है, तो आपको यूपीआई सेवाओं तक पहुंच खोने का खतरा हो सकता है। यह बदलाव निम्नलिखित उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करेगा:
- वे लोग जिनका मोबाइल नंबर बदल गया है, लेकिन बैंक खाते में अपडेट नहीं हुआ है।
- वे लोग जिन्होंने अपना पुराना नंबर बंद करा दिया है और नया नंबर ले लिया है लेकिन बैंक में अपडेट नहीं करवाया है।
- वे लोग जिनका मोबाइल नंबर डीएक्टिवेट हो गया है या किसी अन्य व्यक्ति को रि-असाइन कर दिया गया है।
ऐसे उपयोगकर्ताओं को यूपीआई लेनदेन में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है, जब तक कि वे अपने बैंक रिकॉर्ड अपडेट नहीं करवा लेते।
इससे बचने के लिए क्या करें?
यदि आप यूपीआई ट्रांजेक्शन में किसी भी तरह की परेशानी से बचना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
- बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर को सक्रिय रखें – अगर आपका नंबर निष्क्रिय हो गया है, तो जल्द से जल्द उसे फिर से चालू करवाएं।
- बैंक खाते में नया मोबाइल नंबर अपडेट करें – यदि आपने नंबर बदला है, तो उसे अपने बैंक खाते में तुरंत अपडेट करवाएं।
- नए नंबर के साथ यूपीआई रजिस्ट्रेशन दोबारा करें – अगर आपका नंबर बदल चुका है, तो यूपीआई ऐप्स पर दोबारा रजिस्ट्रेशन करें और नए नंबर को लिंक करें।
- संदिग्ध गतिविधियों से बचें – यदि आपका पुराना मोबाइल नंबर अब किसी और के पास है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और अपनी यूपीआई आईडी डीएक्टिवेट करवाएं।
NPCI द्वारा 1 अप्रैल 2024 से इनएक्टिव मोबाइल नंबरों की यूपीआई आईडी को हटाने का फैसला सुरक्षा को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी और ग्राहकों के बैंकिंग डेटा को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। यदि आप Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे यूपीआई प्लेटफॉर्म्स का उपयोग जारी रखना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका बैंक से लिंक मोबाइल नंबर सक्रिय और अपडेटेड हो। अन्यथा, आपका यूपीआई लेनदेन बंद हो सकता है।