केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाए जाने के बाद उन पर हमला बोला। ठाकुर ने कहा कि जो लोग भारत और चीन के बारे में बात करते हैं, वे चीनियों के साथ सूप पीते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत की एक इंच भी जमीन चीन के हाथों नहीं गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मुद्दों का राजनीतिकरण करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
अनुराग ठाकुर का पलटाार
जवाब में अनुराग ठाकुर ने पूछा, "किसके समय में चीन ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा किया? डोकलाम गतिरोध के दौरान चीनी अधिकारियों के साथ सूप पीने वाले लोग कौन थे? राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनियों से पैसे क्यों लिए?" ठाकुर ने कहा, ‘‘भारतीय सेना ने चीन को प्रभावी ढंग से जवाब दिया और एक इंच भी जमीन नहीं खोई।’’ ठाकुर ने कहा, ‘‘इस तरह के मुद्दे पर राजनीति करने से कुछ हासिल नहीं होगा, लेकिन उन्हें (कांग्रेस को) देश की जनता को अतीत की गलतियों के बारे में जवाब देना होगा।’’
राहुल ने क्या कहा था
उनकी यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा आज निचले सदन में यह दावा किए जाने के बाद आई है कि चीन ने भारत की 4,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखा है। गांधी ने कहा, "यथास्थिति बनी रहनी चाहिए और हमें अपनी जमीन वापस मिलनी चाहिए।" राहुल गांधी ने कहा, "यह सर्वविदित तथ्य है कि चीन हमारी 4,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किए बैठा है। कुछ समय पहले मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि हमारे विदेश सचिव चीनी राजदूत के साथ केक काट रहे थे।"
विपक्ष के नेता गांधी ने कहा, "सवाल यह है कि इस क्षेत्र में वास्तव में क्या हो रहा है।" उन्होंने कहा, "हम सामान्य स्थिति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सामान्य स्थिति से पहले यथास्थिति की जरूरत है। हमारी जमीन हमें वापस मिलनी चाहिए।" गांधी ने दावा किया, "यह भी मेरी जानकारी में आया है कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने चीन को पत्र लिखा है। हम यह जानकारी अपने लोगों से नहीं, बल्कि चीनी राजदूत से प्राप्त कर रहे हैं।"