येशू-येशू वाले ईसाई धर्मगुरु बजिंदर सिंह को हुई उम्र कैद, मोहाली कोर्ट ने दिया फैसला

येशू-येशू वाले ईसाई धर्मगुरु बजिंदर सिंह को हुई उम्र कैद, मोहाली कोर्ट ने दिया फैसला

मोहाली कोर्ट ने मंगलवार को पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। मोहाली कोर्ट ने आरोपी की दया याचिका खारिज करते हुए कहा कि खुद को धार्मिक नेता के तौर पर पेश करने वाला व्यक्ति उन लोगों के खिलाफ ऐसा अपराध नहीं कर सकता जो उस पर आस्था रखते हैं। पिछले हफ़्ते मोहाली कोर्ट ने पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था। इस मामले में पीड़िता ने फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वह (बजिंदर) एक मनोरोगी है और जेल से बाहर आने के बाद भी यही अपराध करेगा, इसलिए मैं चाहती हूँ कि वह जेल में ही रहे। आज बहुत सी लड़कियों (पीड़ितों) की जीत हुई है। मैं डीजीपी से अनुरोध करती हूँ कि हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करें क्योंकि हम पर हमले की संभावना है।

लंदन जाने वाली फ्लाइट में सवार होने के दौरान गिरफ्तार

यह मामला 2018 का है जब जीरकपुर की एक महिला ने बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसे जुलाई 2018 में लंदन जाने वाली फ्लाइट में सवार होने की कोशिश करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। जीरकपुर पुलिस ने चमत्कार के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले बजिंदर सिंह के खिलाफ पीड़िता की शिकायत के आधार पर छह अन्य लोगों के साथ एफआईआर दर्ज की थी। अन्य आरोपियों में अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ ​​पहलवान शामिल थे।

आरोप और जांच

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी), 354 (शील भंग करना), 294 (अश्लील कृत्य), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 148 (दंगा) और 149 (अवैध रूप से एकत्र होना) के तहत मामला दर्ज किया है। चार्जशीट के अनुसार, ताजपुर गांव में चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम के पादरी बजिंदर सिंह ने जालंधर में एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। उसने कथित तौर पर उसका फोन नंबर ले लिया और अश्लील संदेश भेजने शुरू कर दिए। उसने कथित तौर पर उसे चर्च में अपने केबिन में अकेले बैठाया, जहाँ उसने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।

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