समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अपना कड़ा विरोध जताया और भारतीय जनता पार्टी पर नियंत्रण पाने के लिए हर चीज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि हम वक्फ बोर्ड विधेयक के खिलाफ हैं क्योंकि भाजपा हर चीज में हस्तक्षेप करना चाहती है। वे हर जगह नियंत्रण चाहते हैं। वक्फ (संशोधन) विधेयक को अजमेर दरगाह के समर्थन पर अखिलेश यादव ने कहा कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है। यादव ने कहा कि भाजपा किसी से भी कहलवा सकती है, किसी से भी करवा सकती है, यही उनकी खूबी है।
बीजेपी का हर फैसला वोट के लिए
अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी का हर फैसला वोट के लिए होता है। समाजवादी पार्टी वक्फ बिल के खिलाफ है। वे (बीजेपी) पूरा नियंत्रण चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे जीएसटी हो, नोटबंदी हो या अन्य फैसले, वे (बीजेपी) लोगों से कुछ न कुछ छीनने का काम करते हैं। वे कहते थे कि हम (विपक्ष) तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं, क्या वे (बीजेपी) ईद पर किट बांटकर तुष्टिकरण नहीं कर रहे हैं? अब तक वे हिंदुओं को गुमराह करते रहे और अब उन्होंने मुसलमानों को भी गुमराह करना शुरू कर दिया है।
चिश्ती ने क्या कहा था
अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन परिषद (एआईएसएससी) के अध्यक्ष और अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बोर्ड में सुधार के लिए समर्थन व्यक्त किया और मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया कि वे वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ दिए गए भावनात्मक उत्तेजक बयानों से प्रभावित न हों, तथा अधिनियम के इरादों पर सरकार के आधिकारिक बयानों पर विश्वास करें। परिषद के अध्यक्ष ने एएनआई को बताया कि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वक्फ बोर्ड के अधीन दरगाहों, मस्जिदों को जब्त नहीं किया जाएगा, जिस पर लोगों को विश्वास करना चाहिए और उम्मीद है कि विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजे जाने के बाद बदलाव अच्छे होंगे।