यूपी के सहारनपुर में एक कैफे संचालक की संदिग्ध हालातों में गोली लगने से मौत हो गई. पहले माना जा रहा था कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते कैफे संचालक की हत्या हुई है. लेकिन जब पुलिस ने मामले की जांच की तो बात कुछ और ही निकलकर सामने आई. युवक की हत्या नहीं हुई थी. बल्कि, कैफे के अंदर जब उसका एक दोस्त पिस्टल लोड कर रहा था तो अचानक उससे फायर हो गया. यह गोली सीधे कैफे संचालक को जा लगी, जिस कारण उसकी मौत हो गई.
घटना सदर थाना इलाके के कोर्ट रोड की है. यहां स्थित एक कैफे में औवेस नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गई. औवेस इस कैफे का संचालक था. जब गोली लगी तो औवेस के परिजनों ने उसे घायलावस्था में अस्पताल पहुंचाया. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. औवेस की मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. यह बात फैलने लगी कि औवेस की किसी ने हत्या की है, वो भी प्रॉपर्टी विवाद में.
पुलिस को सूचना मिली तो उन्होंने जांच शुरू की. पुलिस सबसे पहले औवेस के कैफे पहुंची. फिर औवेस के शव का पोस्टमार्टम करवाने लगी. लेकिन उसके परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया. पुलिस ने जब जांच की तो पता चला औवेस की हत्या नहीं हुई. बल्कि, मामला कुछ और ही था.
सहारनपुर के एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया- पता चला कि औवेस अपने तीन दोस्तों के साथ कैफे में बैठा था. इस दौरान औवेस का एक साथी पिस्टल चेक कर रहा था. अचानक उससे ट्रिगर दब गया. पास में खड़े एक युवक के हाथ को टच करके गोली सीधे औवेश के पेट में जा लगी. खून से लतपथ ओवेश को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही वो दम तोड़ चुका था.
गोली चलाने वाला युवक फरार
परिजन औवेस के शव को बिना किसी कार्रवाई के अपने साथ गांव ले गए, जानकारी मिलते ही पुलिस भी गांव पहुंची परिजन शव का पोस्टमॉर्टम कराने को तैयार नहीं थे, पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद परिजनों ने उसके शव को पुलिस को सौंपा. पुलिस ने पंचनामा करवाने के बाद शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है. आज सुबह शव का पोस्टमार्टम होगा. वहीं, जिस युवक से गलती से गोली चली है वो डर के मारे फरार हो गया है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. इसके अलावा कैफे में मौजूद अन्य लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है.