उत्तरप्रदेश
हरदोई जिले की पुलिस ने पूर्व विधायक सुभाष पासी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी मिली है कि कभी मुम्बई का किंग कहे जाने वाले सुभाष पासी पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नितिन अग्रवाल की बहन को फ्लैट देने के नाम पर 49 लाख रुपए की ठगी की थी। बता दें कि सुभाष पासी ने 2022 का यूपी विधानसभा चुनाव गाजीपुर की सैदपुर सीट से सत्ताधारी भाजपा की टिकट पर लड़ा था। इससे पहले इसी सीट पर वह 2 बार सपा विधायक भी रहे थे। ये मामला कुछ समय पहले भी चर्चा में आया था जब सुभाष पासी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर ये आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल और नितिन अग्रवाल उन्हें पुलिस से प्रताड़ित करवा रहे हैं और वरिष्ठ नेता लाल जी टंडन के पुत्र आशुतोष टण्डन और नरेश अग्रवाल की मौजूदगी में वो सारा रूपया वापस कर चुके हैं । गौरतलब है कि 2022 के चुनावों के दौरान पूर्वांचल के दलितों का फेस बनकर सुभाष पासी बीजेपी में शामिल हुए थे और गाजीपुर की सैदपुर विधानसभा से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर हार गए थे ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नितिन अग्रवाल की बहन रुचि गोयल की तरफ से एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट से सुभाष पासी के खिलाफ लगातार गैर जमानती वारंट जारी हो रहे थे। हरदोई की सीजेएम कोर्ट ने 9 जनवरी को भी सुभाष पासी और उनकी पत्नी रीना पासी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। अब हरदोई पुलिस ने मुंबई से सुभाष पासी और रीना पासी को गिरफ्तार कर हरदोई कोर्ट में पेश किया है।
इस मामले में एसपी हरदोई नीरज जादौन ने अपना वक्तव्य जारी कर कहा है कि
कोर्ट ने सुभाष पासी और रीना पासी के खिलाफ NBW जारी किया था। 3-4 बार इनके खिलाफ NBW जारी किए गए थे। इस संबंध में हरदोई पुलिस की टीम मुंबई रवाना की गई थी। सुभाष पासी को अरेस्ट कर लोकल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया गया। इनकी पत्नी के खिलाफ NBW जारी हुआ था। यह 2023 का धोखाधड़ी का केस है ।
चूंकि सुभाष पासी दलित नेता के तौर पर अपनी पहचान रखते हैं और अभी हाल में ही बाबा साहब अम्बेडकर को लेकर विपक्षी दल बीजेपी पर काफी हमलावर रहे थे , इस नाते सुभाष पासी की गिरफ्तारी की ख़बर हाइलाइट न हो पाए ऐसा सियासी हलके चाहते थे । सियासी हलकों ने मामले को हल्का रखवाने के भी अपने सारे जतन किये ऐसा हमारे खंज़र सूत्र कहते हैं पर ये ख़बर अब केलिफोर्निया की आग की तरह फैल चुकी है और सियासत गर्म होगी इस मुद्दे पर इसके पूरे आसार नजर आ रहे हैं । हमारे खंज़र सूत्र ये भी जता रहे हैं कि लेनदेन के मामले का सेटलमेंट हो चुका है , मामला हाइलाइट न हो इसके पीछे सियासी जतन जो हुए इसकी भी एक बड़ी वजह ये सेटलमेंट ही है ।