बैटरों के वर्चस्व वाले टी20 शैली के क्रिकेट में एक ओवर मेडन फेंकना भी किसी बॉलर के लिए उपलब्धि से कम नहीं है. वैसे तो क्रिकेट को ही ‘बैट्समैन गेम’ माना जाता है लेकिन टी20 क्रिकेट में चौकों-छक्कों की ऐसी झड़ी लगती है कि कई बॉलर के लिए यह दु:स्वप्न साबित होता है. टेस्ट और वनडे में शानदार प्रदर्शन करने वाले बॉलर भी कई बार टी20I में बैटरों की ‘हिटलिस्ट’ में आ जाते हैं. इस फॉर्मेट में वे बॉलर ही ज्यादा सफल होते हैं जो सटीक हों और गति में बदलाव व वेरिएशंस के जरिये बैटर को हाथ खोलने का मौका न दें.
कई बार बॉलर की गेंदों की गति भी बैटर के आक्रामक शॉट में मददगार बन जाती है. जो बॉलर जितनी तेजी से गेंद फेंकता है, बॉल उसी तेज से बाउंड्री के पार नजर आती है. ऐसे में आमतौर पर फास्ट बॉलर के बजाय स्पिनर टी20 फॉर्मेट में रन गति पर अंकुश लगाने में ज्यादा सफल होते हैं. टी20 वर्ल्डकप (ICC T20 World Cup) में भी इकोनॉमी (प्रति ओवर दिए गए रन) और मेडन ओवर के मामले में फास्ट बॉलर पर स्पिनर्स को ‘बढ़त’ हासिल है. हालांकि जसप्रीत बुमराह और लसिथ मलिंगा जैसे तेज गेंदबाज इस मामले में अपवाद माने जा सकते हैं. टी20 वर्ल्डकप में 7 से कम की इकोनॉमी दर्ज करने वालों में स्पिनरों की संख्या अच्छी खासी है. वानिंदु हसरंगा, सेमुअल बद्री और नाथम मैक्कुलम जैसे स्पिन बॉलरों ने तो 6 से कम इकोनॉमी से बॉलिंग करते हुए विकेट भी हासिल किए हैं. टूर्नामेंट में सर्वाधिक मेडन ओवर फेंकने के मामले में एशियाई स्पिनरों का जलवा है.
हरभजन ने फेंके हैं सर्वाधिक 4 ओवर मेडन
भारत के ऑफब्रेक बॉलर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) के नाम टी20 वर्ल्डकप में सबसे अधिक मेडन ओवर फेंकने का रिकॉर्ड है. 2007 के पहले टी20 वर्ल्डकप (इसमें टीम इंडिया चैंपियन बनी थी) से लेकर 2012 तक, चार टूर्नामेंट खेले ‘भज्जी’ने 19 मैचों की 18 पारियों में कुल 69 ओवर फेंके हैं जिसमें चार मेडन रहे हैं. उन्होंने 29.25 के औसत, 6.78 की इकोनॉमी और 25.87 के स्ट्राइक रेट से 16 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान हरभजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 12 रन देकर चार विकेट रहा है. उन्होंने 2007 में 26.00 के औसत से 7, वर्ष 2009 में 26.20 के औसत से 5 और 2012 में 8.00 के औसत से चार विकेट हासिल किए थे. 2010 के टी20 वर्ल्डकप के पांच मैचों में हरभजन के खाते में एक भी विकेट नहीं आया था.
दूसरे स्थान पर श्रीलंका के तीन और पाकिस्तान का एक बॉलर
टी20 वर्ल्डकप में मेडन ओवर फेंकने में श्रीलंका के अजंता मेंडिस, नुवान कुलसेकरा व रंगना हेराथ और पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं. इन चारों बॉलर्स ने टूर्नामेंट में तीन-तीन मेडन ओवर फेंके हैं. इन बॉलर्स में आमिर का टी20 वर्ल्डकप 2024 में खेलना लगभग तय है, ऐसे में इस पाकिस्तानी बॉलर के उनके पास हरभजन के रिकॉर्ड की बराबरी या इसे पीछे छोड़ने का मौका होगा.
मेंडिस के नाम है टी20 WC का सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग प्रदर्शन
श्रीलंका के मिस्ट्री स्पिनर मेंडिस (Ajantha Mendis) ने 2009 से 2014 के बीच 21 मैचों में 78.3 ओवर फेंकते हुए 15.02 के औसत, 6.70 की इकोनॉमी और 13.45 के स्ट्राइक रेट से 35 विकेट लिए हैं. टी20 वर्ल्डकप का सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग विश्लेषण दर्ज कराते हुए उन्होंने 2012 में हम्बनटोटा के मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ महज 8 रन देकर छह विकेट अपने नाम किए थे. इसी तरह श्रीलंका के लेफ्ट आर्म स्पिनर हेराथ (Rangana Herath) ने 2012 से 2016 के बीच तीन टी20 वर्ल्डकप के 10 मैचों में 35.3 ओवर गेंदबाजी करते हुए 16.46 के औसत, 6.02 की इकोनॉमी और 16.38 के स्ट्राइक रेट से 13 विकेट (सर्वश्रेष्ठ तीन रन देकर 5 विकेट) हासिल किए हैं. श्रीलंका के नुवान कुलसेकरा (Nuwan Kulasekara) ने 2009 से 2016 के बीच टूर्नामेंट के 18 मैचों के 58.5 ओवर्स में 25.29 के औसत, 7.30 की इकोनॉमी और 20.76 के स्ट्राइक रेट से 17 विकेट (सर्वश्रेष्ठ 32 रन देकर 4 विकेट) अपने नाम किए हैं.
टी20 वर्ल्डकप 2024 में खेलते नजर आएंगे मो. आमिर
पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ( Mohammad Amir) ने 2009 से लेकर 2016 के बीच टी20 वर्ल्डकप के 17 मैचों में 62 ओवर फेंकते हुए 26.17 के औसत 7.17 की इकोनॉमी और 21.88 के स्ट्राइक रेट से 17 विकेट लिए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 23 रन देकर तीन विकेट रहा है. स्पॉट फिक्सिंग मामले में लगे पांच साल के बैन के कारण आमिर को अपने कुछ महत्वपूर्ण वर्ष क्रिकेट से बाहर रहकर गुजारने पड़े हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB)के आग्रह पर उन्होंने संन्यास से लौटकर इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की है और फिर टी20 वर्ल्डकप खेलते नजर आएंगे.
इन बॉलर्स के अलावा इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड व ग्रेम स्वान, न्यूजीलैंड के टिम साउदी, श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज और बांग्लादेश के तस्किन अहमद भी टी20 वर्ल्डकप में दो-दो मेडन ओवर फेंक चुके हैं. इन बॉलर्स में से मैथ्यूज, साउदी और तस्किन टी20 वर्ल्डकप 2024 में खेलते नजर आ सकते हैं और इनके पास अपने रिकॉर्ड को बेहतर करने का मौका है. तस्किन इंजर्ड हैं लेकिन उन्हें 15 सदस्यीय बांग्लादेश टीम में जगह दी गई है. टीम प्रबंधन को उनके टी20 वर्ल्डकप तक फिट होने की उम्मीद है.