उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की तरफ से यूपी पीसीएस 2023 का फाइनल रिजल्ट (UP PCS 2023 Final Result) जारी हो गया है. यूपी पीसीएस रिजल्ट आते ही हर तरफ प्रतापगढ़ की रहने वाली श्वेता मिश्रा की चर्चा हो रही है. हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने वाली श्वेता ने यूपी पीसीएस परीक्षा दो बार क्रैक की है. इस बार उनका चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है.
यूपी पीसीएस 2023 में इस बार 251 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. इनमें एक नाम श्वेता मिश्रा का भी है. श्वेता ने डिप्टी जेलर सेक्शन में पहला स्थान हासिल किया है. टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचित में श्वेता मिश्रा ने अपने यूपी पीसीएस सफर का अनुभव साझा किया है. आइए उनके सफलता के पीछे के संघर्ष पर एक नजर डालते हैं.
हिंदी मीडियम से पढ़ाई
टीवी9 से बातचित में श्वेता मिश्रा ने बताया कि उनकी स्कूलिंग से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई प्रतापगढ़ से ही हुई है. उनकी हाईस्कूल तक की पढ़ाई एक कॉन्वेंट स्कूल से यूपी बोर्ड से हुई है. साल 2014 में राम नारायण स्कूल इंटर कॉलेज प्रतापगढ़ से उन्होंने 12वीं पास की. इसके बाद उन्होंने अपना बीएससी ग्रेजुएशन राजकीय महाविद्यालय से किया है. फिर उन्होंने डीएलएड भी किया.
UP PCS की तैयारी
श्वेता बताती हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद से ही यूपी पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी. इसके लिए उन्होंने प्रयागराज का रुख किया. प्रयागराज में रहकर एक कोचिंग से उन्होंने पीसीएस की तैयारी शुरू की. साल 2021 में उन्होंने पहली बार यूपी पीसीएस की परीक्षा दी और उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ.
UP PCS क्रैक करने वाली श्वेता मिश्रा
श्वेता वाराणसी जिले में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हुईं. नायब तहसीलदार के पद पर काम करते हुए श्वेता ने यूपी पीसीएस की तैयारी जारी रखी. नौकरी के साथ पढ़ाई करके UP PCS 2023 परीक्षा में शानिल हुईं. इस बार उनका चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है.
श्वेता मिश्रा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता और दादा को दिया है. वो बताती हैं कि उनके परिवार में लड़कियों के लिए किसी तरह की कोई पाबंदियां नहीं है. श्वेता बताती हैं कि उनके दादा जिनका अब स्वर्गवास हो गया है वो हमेशा से चाहते थें कि परिवार की लड़कियां ज्यागा आगे बढ़ें. यही वजह है कि श्वेता को उनके परिवार से काफी सपोर्ट मिला है.
IAS है सपना
श्वेता बताती हैं कि उनका सफर यहीं रुका नहीं है. वो आगे भी सिविल सर्विस की तैयारी करती रहेंगी. वो यूपी पीसीएस के साथ UPSC की तैयारी भी कर रही हैं. उनका सपना SDM और IAS बनने का है. पीसीएस की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए श्वेता कहती हैं कि सिविल सर्विस के लिए हिंदी माध्यम से होने से कोई फर्क नहीं पड़ता. वो खुद को हिंदी मीडियम का एक जीता-जागता उदाहरण बताती हैं.