पंड्या ने जिसे कर दिया था रिटायर्ड आउट, उसने ही सुखाई धोनी की जान

पंड्या ने जिसे कर दिया था रिटायर्ड आउट, उसने ही सुखाई धोनी की जान

Who is B Sai Sudharsan : क्रिकेट ऐसा खेल है, जो बराबरी पर ले ही आता है. इसे गुजरात टाइटंस के युवा बैटर साई सुदर्शन को देखकर समझा जा सकता है. मुंबई इंडियंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में सुदर्शन को इसलिए गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने रिटायर्ड आउट कर दिया था कि वो धीमी बल्लेबाजी कर रहे थे. जबकि सुदर्शन को जब मैदान से बाहर बुलाया गया था, तब वो 31 गेंद में 43 रन ठोक चुके थे और उनका स्ट्राइक 140 के करीब था और अगले ही मैच यानी आईपीएल फाइनल में साई सुदर्शन ने दिखा दिया कि वो किस मिट्टी के बने हैं.

गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन भले ही आईपीएल 2023 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शतक से 4 रन से चूक गए. पर उनकी 96 रन की पारी ने एक समय महेंद्र सिंह धोनी की भी जान सुखा दी थी. सुदर्शन ने महज 47 गेंद में 96 रन ठोके. वो भी पूरे 204 के स्ट्राइक रेट से. इस पारी में सुदर्शन ने 8 चौके और 6 छक्के मारे थे. एक मैच में ही सुदर्शन गुजरात टाइटंस के लिए जीरो से हीरो बन गए और उनकी इस तूफानी पारी के दम पर गुजरात टाइटंस आईपीएल फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही

इस आईपीएल सीजन में साई सुदर्शन गुजरात टाइटंस की शायद पहली पंसद नहीं थे. अगर केन विलियम्सन चोटिल नहीं होते तो शायद उन्हें और कम मैच खेलने के मौके मिलते. पर किस्मत को कुछ और मंजूर था. उन्हें 8 मैच में ही खेलने का मौका मिला. लेकिन, उसमें ही तमिलनाडु के इस बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने 50 से अधिक की औसत और 140 से कुछ अधिक की स्ट्राइक रेट से 362 रन ठोके. उनके बल्ले से 33 चौके और 12 छक्के निकले

सुदर्शन को बेहतर क्रिकेटर बनाने में उनकी मां उषा भारद्वाज का बड़ा हाथ है. वो खुद नेशनल लेवल की वॉलीबॉल प्लेयर रह चुकी हैं और लक्ष्मीपति बालाजी के अलावा कई और दिग्गज क्रिकेटर की स्ट्रेंथ कोच की जिम्मेदारी भी निभाई है. उन्होंने लॉकडाउन में साई सुदर्शन की फिटनेस पर काम करने का फैसला किया और आज जो वो लंबे-लंबे छक्के मार रहे हैं, वो मां की मेहनत का ही नतीजा है

इस आईपीएल सीज़न में केन विलियमसन के चोटिल होने के बाद गुजरात टाइटंस के लिए इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर पहली बार उतरे सुदर्शन को पहले पांच मैचों में मौका मिला था. इसमें उन्होंने कुल 176 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे. हालांकि, उसके बाद सुदर्शन को काफी मुकाबलों में बेंच पर ही बैठना पड़ा था. लेकिन उसके बाद 3 मैचों से उन्हें फिर से मौका मिला और उन्होंने 47, 43 और 96 रन की पारी खेल अपनी उपयोगिता साबित कर दी

साई सुदर्शन की मां ने हाल ही में ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में उन्हें लेकर एक खास बात बताई थी. मां उषा के मुताबिक, आईपीएल से पहले या घर पर रहते हुए सुदर्शन अमूमन एक रूटीन को हमेशा फॉलो करते हैं. रात को बिस्तर पर जाने से पहले उसके (सुदर्शन) पास एक लिस्ट होती है कि उसे अगले दिन क्या-क्या करना है? इसमें योग, ध्यान, दौड़, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और नेट प्रैक्टिस शामिल होता है. सुदर्शन एक लिस्ट हर रोज़ ख़ुद भी बनाता है, जिसमें उसने क्या अच्छा किया और क्या बेहतर हो सकता है, जैसे प्वाइंट्स शामिल होते हैं

अब इतनी कम उम्र में कोई बल्लेबाज अगर अपने खेल पर इस तरह की मेहनत कर रहा है तो उसका नतीजा क्या होगा, ये आईपीएल फाइनल में साई सुदर्शन की 96 रन की पारी देखकर समझा जा सकता है

साई सुदर्शन तमिलनाडु से आते हैं और उनका महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स से गहरा नाता है. वो जूनियर सुपर किंग्स टीम का हिस्सा रह चुके हैं और इसी टीम में खेलते हुए उन्होंने अपने सीनियर वॉशिंगटन सुंदर और शाहरुख खान की तरह तमिलनाडु टीम का सफर तय किया है

साई सुदर्शन ने पिछले साल ही अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. उन्होंने रणजी ट्रॉफी के डेब्यू पर ही 179 रन की धांसू पारी खेली थी. इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में भी 3 शतक ठोके थे. यानी आईपीएल में बरसने की तैयारी पहले से ही थी और जब मौका मिला तो अपनी पुरानी टीम के खिलाफ ही सुदर्शन ने तेवर दिखलाए और ये बता दिया कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं.


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yhfee@chitthi.in, 10 June 2023

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