UP ATS ने PFI के ऊपर इस वक्त हाथ क्यों डाला? ATS चीफ ने बताई बड़ी वजह

UP ATS ने PFI के ऊपर इस वक्त हाथ क्यों डाला? ATS चीफ ने बताई बड़ी वजह

ATS Raids: कभी हिंदुस्तान की चूलें हिला डालने की कसम खाए बैठे और अब प्रतिबंधित पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) की हालत योगी की पुलिस ने खराब कर रखी है. 7 अप्रैल 2023 को एक ही दिन में जिस तरह से योगी आदित्यनाथ की पुलिस के एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने इस बदनाम और प्रतिबंधित संगठन के गुर्गों पर हाथ डाला है, उसने सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर यूपी में ही इस प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ इन दिनों सख्त एक्शन क्यों? जब सूबे की पुलिस मोस्ट वॉन्टेड माफियाओं को निपटाने की जद्दोजहद से जूझ रही हो. दूसरी ओर प्रयागराज कांड में भी एक के बाद एक लाशें बिछती जा रही हों.

तब ऐसे में आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि रातों-रात यूपी पुलिस के, आतंकवाद निरोधी दस्ते (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) को मैदान में कूदना पड़ गया. वो भी उस प्रतिबंधित और बदनाम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ, जिसे अभी प्रतिबंध के बाद से संभलने- सांस लेने तक का वक्त नसीब नहीं हो सका है. टीवी9 से विशेष बातचीत में यूपी पुलिस एटीएस चीफ नवीन अरोरा (IPS Naveen Arora) ने कहा, “दरअसल हमारी टीमें काफी समय से इस प्रतिबंधित संगठन (पीएफआई) पर नजरें रखे हुए थीं. हम यह भी देख रहे थे कि प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी आखिर, यह संगठन और इसके कार्यकर्ता अब किस तरह से और कहां-कहां संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं.”

एटीएस चीफ नवीन अरोरा ने आगे कहा, “साल 2022 में प्रतिबंधित किए जाने के बाद इस संगठन की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के बाद, जरूरत पड़ने पर छापे मारने के लिए हमारी 30 टीमें गठित की गई थीं. इस एक्शन के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी एटीएस) को नोडल अफसर बनाया गया था. इन टीमों में एटीएस की फील्ड इकाई नोएडा, सहारनपुर, मेरठ, कानपुर, लखनऊ, बहराइच, गोरखपुर, वाराणसी और आजमगढ़ को विशेष रूप से शामिल किया गया था.”

UP ATS की रडार पर संगठन के 211 लोग

नवीन अरोरा ने बतयाा कि हमारी टीमों ने इस प्रतिबंधित और बदनाम संगठन के जुड़े 211 संदिग्धों को चिन्हित किया था. यह सब सूबे के अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते थे. 6 अप्रैल 2023 को इन संदिग्धों की धर-पकड़ में एक साथ पूरे राज्य में छापेमारी शुरू की गई थी. जिसके परिणाम सकारात्मक और उत्साहवर्धक निकलकर सामने आए हैं.

यूपी पुलिस के आतंकवाद निरोधक मुख्यालय के मुताबिक, “पीएफआई के कार्यकर्ताओं तक पहुंचने के लिए एटीएस की टीमों ने विशेष रूप से इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखी थी. वहीं से लीड मिलती चली गई. पता चला कि सितंबर 2022 में प्रतिबंध लगा दिए जाने के बाद भी यह संगठन और उसके सदस्य गुपचुप अपनी संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने में जुटे हैं. यह गैंग एक वर्ग विशेष के प्रति असंतोष पैदा कराने पर तुला है.

नवीन अरोरा ने बतयाा कि राष्ट्र विरोधी और कट्टरपंथी भावनाएं भड़काने का काम इस बदनाम और प्रतिबंधित संगठन के कार्यकर्ता अभी भी गुपचुप तरीके से करने में जुटे हुए थे. सबसे पहले हमने इस संगठन के 21 सदस्यों के खिलाफ मेरठ, बाराबंकी, वाराणसी, लखनऊ, अलीगढ़, अयोध्या में मुकदमे दर्ज किए, जबकि इसके अलावा 136 संदिग्धों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-108 और 151 के तहत कार्रवाई की.

20 से ज्यादा जिलों में की गई थी छापेमारी

यूपी एटीएस की टीमों ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के 211 संदिग्ध सदस्यों और उनकी देश विरोधी गतिविधियों पर सबसे पहले नजर रखनी शुरू की थी, जबकि 6 अप्रैल 2023 को सूबे के 20 से ज्यादा जिलों में इन संदिग्धों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया गया था. एक सवाल के जवाब में यूपी पुलिस एटीएस चीफ नवीन अरोरा ने कहा, “211 चिन्हित संदिग्धों में से 70 को एक ही दिन के विशेष धरपकड़ अभियान के दौरान दबोच लिया गया.

छापेमारी के दौरान इन जगहों से हुई गिरफ्तारी

जिन 70 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, उनमें लखनऊ (9), सीतापुर (1),बहराइच (2), बलरामपुर (1), बाराबंकी (3), सिद्धार्थनगर (1), देवरिया (2), वाराणसी (6), आजमगढ़ (3), कानपुर (2), गाजियाबाद (10), मेरठ (4), बुलंदशहर (1), सहारनपुर (1), शामली (11), मुजफ्फरनगर (3), मुरादाबाद (1), रामपुर (1), बिजनौर (5) और अमरोह से एक संदिग्ध शामिल है.

सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच-पड़ताल में जुटी ATS टीम

यूपी एटीएस चीफ ने बताया कि इन सभी से गहन पूछताछ जारी है. इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मौजूद तमाम संदिग्ध और भड़काऊ पोस्ट्स के बारे में भी जांच-पड़ताल की जा रही है. पता यह भी लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित पीएफआई के इन गुर्गों के पीछे मास्टरमाइंड कौन हैं? क्योंकि जब तक इस बदनाम और देश विरोधी प्रतिबंधित संगठन की गर्दन तक नहीं पहुंचा जाएगा, तब तक यह संगठन हिंदुस्तान की शांति, सुरक्षा और प्रभुता के लिए संकट पैदा ही करता रहेगा.


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yhfee@chitthi.in, 10 June 2023

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