New Delhi: सचिन तेंदुलकर ने 11 साल पहले खत्म किया था लंबा इंतजार, बना डाला सबसे स्पेशल रिकॉर्ड

New Delhi: सचिन तेंदुलकर ने 11 साल पहले खत्म किया था लंबा इंतजार, बना डाला सबसे स्पेशल रिकॉर्ड

नई दिल्ली: भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 2012 में आज ही के दिन यानी 16 मार्च को इतिहास रचा था. सचिन तेंदुलकर बांग्लादेश के खिलाफ एशिया कप में खेलते हुए 100 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने थे. यह सचिन तेंदुलकर का 49वां और अंतिम वनडे शतक भी था. दिलचस्प रूप से बांग्लादेश के खिलाफ ही सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला शतक भी जड़ा था. मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 77.55 की स्ट्राइक रेट से 147 गेंदों पर 114 रनों की पारी खेलकर 100 इंटरनेशनल शतकों की खास उपलब्धि हासिल की थी. सचिन तेंदुलकर ने अपने 100वें इंटरनेशनल शतक में 12 चौके और एक छक्का जड़ा था. हालांकि, सचिन तेंदुलकर का यह शतक बेकार चला गया था, क्योंकि भारत बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में पांच विकेट से मैच हार गया.

भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए 50 ओवर के मैच में मेजबान टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. विराट कोहली और सुरेश रैना ने अर्धशतक बनाए, जबकि सचिन तेंदुलकर ने शाकिब अल हसन की गेंद पर अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया था. विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम और मशरफे मुर्तजा के हाथों आउट होने से पहले मास्टर ब्लास्टर ने 114 रनों की पारी खेली थी. सचिन ने अपनी इस पारी में 147 गेंदों में 12 चौके और 1 छक्का जड़ा था.

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 289 रन बनाए थे. बांग्लादेश ने 290 रनों के लक्ष्य का पीछा 49.2 ओवर में ही कर लिया था. शाकिब अल हसन ने 31 गेंदों में 49 रन की पारी खेली थी और बांग्लादेश ने 49.2 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 293 रन बना लिए थे. बांग्लादेश के लिए तमीम इकबाल (70), जहरुल इस्लाम (53) और नासिर हुसैन (54) ने शानदार खेल दिखाया था और भारत को ग्रुप स्टेज से बाहर कर दिया था.

बांग्लादेश ने एशिया कप के ग्रुप मैच को चार गेंद शेष रहते पांच विकेट से जीत लिया और टीम टूर्नामेंट के फाइनल में भी पहुंच गई, जहां वह पाकिस्तान के खिलाफ खेली लेकिन सिर्फ दो रन से टूर्नामेंट हार गई. इस बीच, भले ही भारत बांग्लादेश के खिलाफ हार गया हो, लेकिन ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर ने अपने उस माइलस्टोन को हासिल कर लिया था, जिसका इंतजार उनके साथ-साथ पूरा देश भी कर रहा था.

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