राहुल सर्जिकल स्ट्राइक पर दिग्विजय के बयान से नहीं सहमत:कहा- सेना कुछ करे तो उसे सबूत की जरूरत नहीं, हमें उस पर पूरा भरोसा

राहुल सर्जिकल स्ट्राइक पर दिग्विजय के बयान से नहीं सहमत:कहा- सेना कुछ करे तो उसे सबूत की जरूरत नहीं, हमें उस पर पूरा भरोसा

राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा- सेना के शौर्य पर कभी सवाल नहीं उठाया है। अगर सेना कुछ करती है तो उस पर सबूत की जरूरत नहीं। ये दिग्विजयजी की निजी राय है। मैं इससे सहमत नहीं हूं।

राहुल बोले- दिग्विजय के बयान से पूरी तरह असहमत

जब हम अंग्रेजों से लड़ रहे थे, तब भाजपा-संघ के लोग उनके साथ थे। उन्हीं के नेताओं ने दो देशों का कॉन्सेप्ट दिया। जहां तक दिग्विजय जी के बयान की बात है। उन्होंने जो सर्जिकल स्ट्राइक पर कहा, उससे हम पूरी तरह डिसएग्री करते हैं। हमारी आर्मी पर हमें पूरा भरोसा है। अगर आर्मी कुछ करे तो सबूत देने की जरूरत नहीं। मैं दिग्विजय सिंह के बयान से पूरी तरह असहमत हूं। निजी तौर पर मेरा यह मानना है कि दिग्विजयजी ने जो कुछ भी कहा, वह उनकी निजी राय है। कांग्रेस पार्टी भी इससे सहमत नहीं है।

1. भाजपा-संघ और मोदी के लिए दिल में नफरत नहीं

मेरे दिल में भाजपा, RSS, पीएम मोदी के लिए नफरत नहीं है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने अगर ऐसा कहा है कि मेरे दिन में नफरत है और मैं नफरत ही फैलाने निकला हूं, तो ये उनकी गलत सोच है। हालांकि, मुझे बड़ी हैरानी होगी अगर ये उनके अपने विचार हुए तो। जिस पार्टी में वे हैं, वहां उन्हें ऊपर से आदेश आते हैं कि क्या कहना है। मुझे नहीं लगता कि ऐसे बयान देने के अलावा उनके पास कोई और ऑप्शन होगा।

2. हमारी पार्टी में आवाज दबाई नहीं जाती, दिग्विजय के विचार निजी

राहुल से पूछा गया कि दिग्विजय के बयान से पार्टी ने खुद को दूर कर दिया है, लेकिन उनपर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती। इस पर राहुल ने कहा कि हमारी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी है। यहां डिक्टेटरशिप नहीं है। हम दूसरे की आवाज दबाकर पार्टी चलाने में यकीन नहीं रखते हैं। यहां लोगों को अपनी बात रखने दी जाती है, चाहे वो पार्टी की सोच से कितनी भी अलग क्यों न हो। दिग्विजय जी ने जो भी कहा वे उनके निजी विचार हैं, लेकिन पार्टी के विचार उनके विचार से ऊपर हैं। पार्टी के विचार पार्टी के अंदर चर्चाओं से बनते हैं। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि उनके विचार पार्टी की विचारधारा से बिलकुल अलग हैं।

3. भाजपा में मोदी सुबह उठते हैं, फैसला लेते हैं और सबको मानना पड़ता है

भाजपा में चर्चा नहीं होती है। वहां पीएम मोदी सुबह उठते हैं और फैसला ले लेते हैं, जिसे सबको मानना पड़ता है। जैसे उन्होंने नोटबंदी और GST के समय किया था। जहां चर्चा होगी, वहां लोग बेहूदा बातें भी करेंगे। मुझे पार्टी के सीनियर लीडर के लिए ऐसा कहते हुए बुरा लग रहा है, लेकिन दिग्विजय जी ने बेहूदा बात ही कही है। यात्रा ने अब तक जो हासिल किया है, वो उनके बयान से खत्म नहीं हाे जाता है।

दिग्विजय से मीडिया ने सवाल किया, भड़के जयराम रमेश

जम्मू में ही मंगलवार को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से सवाल पूछने पर साथी जयराम रमेश भड़क गए। मीडिया दिग्विजय से सर्जिकल स्ट्राइक पर दिए बयान पर सवाल कर रहा था। इसी दौरान जयराम रमेश आए और कहने लगे- बहुत हो गया। आप लोग हमें चलने दीजिए। हम सभी सवालों के जवाब दे चुके हैं। आप प्रधानमंत्री से जाकर सवाल पूछिए।

दिग्विजय सिंह ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ही कहा था कि सरकार ने कभी सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत नहीं दिया। विवाद बढ़ा तो बाद में सफाई भी दी थी कि हम भारतीय सेना का सम्मान करते हैं और वह हमारे लिए सबसे ऊपर है।

शिवराज सिंह चौहान बोले- कांग्रेस DNA में ही पाकिस्तान परस्ती

दिग्विजय के बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- दिग्विजय के शासन में मध्य प्रदेश सिमी का गढ़ था। ये कैसी भारत जोड़ो यात्रा है। इसमें टुकड़े-टुकड़े गैंग चल रहा है। राहुल कह रहे हैं कि सेना कमजोर हो गई है। कांग्रेस के DNA में ही पाकिस्तान परस्ती है। कभी सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं। कभी भगवान राम पर सवाल उठाते हैं

दिग्विजय ने कहा था- सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत नहीं दिए

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया था। उन्होंने जम्मू में कहा था कि सरकार ने अब तक सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत नहीं दिया है। केंद्र सरकार सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात करती है कि हमने इतने लोग मार गिराए हैं, लेकिन सबूत कुछ नहीं है।

दिग्विजय ने सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पुलवामा हमले के वक्त CRPF अफसरों ने कहा था कि जवानों को एयरक्राफ्ट से मूवमेंट कराया जाए, पर प्रधानमंत्री नहीं माने


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