असली कप्तान हैं रोहित शर्मा, टीम इंडिया के लिए कुर्बानी दे रहे, क्या खत्म होगा 12 साल का सूखा

असली कप्तान हैं रोहित शर्मा, टीम इंडिया के लिए कुर्बानी दे रहे, क्या खत्म होगा 12 साल का सूखा

नई दिल्ली. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) बदल गए हैं. उनके तेवर भी बदले-बदले से नजर आ रहे हैं. पहले जो रोहित संभली हुई शुरुआत के बाद हिटमैन के अंदाज में गेंदबाजों की क्लास लगाते थे.इसी तरह बल्लेबाजी कर उन्होंने वनडे में एक नहीं, बल्कि 3 दोहरे शतक ठोके थे. अब उनके खेलने का अंदाज बदल गया. इससे टीम इंडिया के अलावा साथी खिलाड़ियों को भी फायदा हो रहा है. इसका सबूत है शुभमन गिल. गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद वनडे में दोहरा शतक ठोका था. लेकिन, उनकी इस डबल सेंचुरी में कप्तान रोहित का भी बड़ा हाथ था. यह कैसे आइए समझाते हैं.

इस साल के आखिर में भारत में वनडे वर्ल्ड कप होना है. भारत ने पिछला विश्व कप 2011 में घर में ही जीता था. उसके बाद से टीम इंडिया की झोली खाली है. इस बार घर में उस सूखे को खत्म करने का मौका है. यह बात कप्तान रोहित शर्मा को अच्छे से पता है. ऐसे में उन्होंने टीम इंडिया के लिए कुर्बानी देने का फैसला किया है. रोहित वनडे में अब पहले जैसी संभली शुरुआत नहीं कर रहे. वो आते ही गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर रहे. जो शॉट वो पारी की शुरुआत करते वक्त शायद ही खेलते नजर आते थे, अब उसका इस्तेमाल कर रहे हैं.

रोहित टीम इंडिया के लिए दे रहे कुर्बानी

न्यूजीलैंड के खिलाफ रायपुर वनडे में यह नजर भी आया,जब रोहित ने मिचेल सैंटनर के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेला. रोहित के इस बदले हुए अंदाज के पीछे एक ही सोच है और वो है विरोधी टीम पर पहली ही गेंद से हावी हो जाने की रणनीति. रोहित के इस काउंटर अटैकिंग क्रिकेट का उनके जोड़ीदारों को फायदा हो रहा. वो वक्त लेकर अपनी पारी संवार पा रहे हैं.

रोहित को अपने नुकसान नहीं, टीम के फायदे की फिक्र

न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद वनडे में रोहित इसी अटैकिंग क्रिकेट के कारण जल्दी आउट हो गए थे. उन्होंने ब्लेयर टिकनर की गेंद पर आगे निकलकर शॉट खेलने की कोशिश की थी और उसमें विकेट गंवा दिया था. वो वनडे में पिछली 16 पारियों से शतक नहीं लगा पाए हैं. इसे लेकर उनकी आलोचना हो रही है. लेकिन रोहित को इसकी परवाह नहीं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि मैं अब अपने खेल में बदलाव करने की कोशिश में हूं. गेंदबाजों को समझने की कोशिश कर रहा हूं. मैं जानता हूं बड़े स्कोर नहीं आ रहे हैं. लेकिन मैं इसके बारे में ज्यादा चिंतित नहीं हूं.क्योंकि टीम का फायदा जरूरी है.


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