ऐ वतन मेरे वतन:खादी साड़ी, माथे पर बिंदी बदली-बदली दिखीं सारा अली खान

ऐ वतन मेरे वतन:खादी साड़ी, माथे पर बिंदी बदली-बदली दिखीं सारा अली खान

मुंबईः बॉलीवुड की सबसे फेमस स्टारकिड्स और अब बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान (Sara Ali Khan) अब अपनी अपकमिंग फिल्म में एकदम नए अवतार में नजर आने वाली हैं. अपने जबरदस्त अंदाज से अब तक फैशन आईकॉन के रूप में पहचानी जाने वाली सारा अब एक पीरियड ड्रामा फिल्म में दिखाई देंगी, जिसका नाम है ‘ऐ वतन मेरे वतन’ (Ae Watan Mere Watan Release Date). इस फिल्म का टीजर जारी कर दिया गया है, जिसमें सारा अली खान (Sara Ali Khan Upcoming Movie) एक स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका में होंगी. भारत के 74वें गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day 2023) से पहले, प्राइम वीडियो ने आने वाली अमेज़न ऑरिजिनल मूवी, ‘ऐ वतन मेरे वतन’ का फर्स्ट-लुक लॉन्च किया, जो एक श्रद्धांजलि है भारत के स्वतंत्रता की संघर्ष करने वाले निडर नायकों की.

धर्माटिक एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म को करण जौहर और अपूर्व मेहता ने प्रोड्यूस किया है, जिसके को-प्रोड्यूसर सोमेन मिश्रा हैं. कन्नन अय्यर के निर्देशन में बनी यह फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित एक थ्रिलर ड्रामा है, जिसकी कहानी दरब फ़ारूक़ी और कन्नन अय्यर ने लिखी है. इस फिल्म में सारा अली ख़ान एक दिलेर स्वतंत्रता सेनानी का किरदार निभाएंगी. ‘ऐ वतन मेरे वतन’ दुनिया भर में 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में प्राइम मेंबर्स के लिए उपलब्ध होगा.

हाल ही में इस फिल्म का फर्स्ट-लुक वीडियो लॉन्च किया गया, जो हमें अतीत के दौर में वापस ले जाता है, जिसमें हमें एक युवती नजर आती है जो बेहद चिंतित होते हुए भी पूरी लगन के साथ फीकी रोशनी वाले एक कमरे में रेडियो की तरह दिखने वाले डिवाइस को बड़ी कुशलता से असेंबल करती है. कैमरा धीरे-धीरे दिखाता है कि वह युवती कोई और नहीं बल्कि सारा अली खान हैं जिन्हें दर्शकों ने इस तरह के नॉन-ग्लैमरस अवतार में पहले कभी नहीं देखा होगा.

वह रेडियो पर बोलना शुरू कर देती है, उसकी आवाज में दृढ़-संकल्प और साहस की झलक दिखाई देती है और वह जमीन के नीचे मौजूद अपने रेडियो स्टेशन के जरिए पूरे देश के साथ स्वतंत्रता का संदेश साझा करती है जब तक दरवाजे पर बार-बार दस्तक से वह बाधित हो जाती है. ‘ऐ वतन मेरे वतन’ एक थ्रिलर-ड्रामा है, जो सच्ची घटनाओं से प्रेरित है. यह बॉम्बे के एक कॉलेज में पढ़ने वाली बहादुर युवती की कहानी है जो स्वतंत्रता सेनानी बन जाती है . यह काल्पनिक कहानी 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि पर आधारित है.


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yhfee@chitthi.in, 10 June 2023

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