मेरठ:शाहीन से शालू बनी लड़की की कहानी,बोली-अलग-अलग जाति, धर्म इंसानों ने बनाए हैं, मुझे शादी करनी थी, वो मैंने की

मेरठ:शाहीन से शालू बनी लड़की की कहानी,बोली-अलग-अलग जाति, धर्म इंसानों ने बनाए हैं, मुझे शादी करनी थी, वो मैंने की

मेरठ में हिंदू युवक की मोहब्बत में एक मुस्लिम लड़की ने अपना धर्म बदल लिया। इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया। अब वो शाहीन से शालू बन चुकी हैं। हिंदू रीतिरिवाजों को निभा रही शालू कहती हैं कि हमारे यहां वो सम्मान और प्यार नहीं मिलता, जो यहां मिलता है। इसलिए मैं हिंदू बनकर खुश हूं। अब यही मेरी पहचान है।

यूपी में बाबा हैं यूपी में बाबा.. गाकर मशहूर होने वाली कवियत्री अनामिका अंबर के हेल्पर साजन ने एक मुस्लिम युवती से लव मैरिज कर ली। दोनों 11 जनवरी को 250 किमी तक भागकर बदायूं पहुंचे। शादी की, अब उनका कहना है कि लड़की के घरवाले उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कवि सौरभ सुमन जो अनामिका अंबर के पति हैं। उनकी मदद से पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

मेरठ में नवदंपत्ति पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाने पहुंचे तो पुलिस ने अनसुना कर दिया। बाद में कवि सौरभ सुमन ने सीएम, कानून मंत्री को सोशल मीडिया के जरिए शिकायत की। पुलिस ने पूरे मामले का संज्ञान लेकर सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

2014 में मुलाकात, 6 साल के रिलेशन के बाद शादी की

मैं और साजन 6 साल से रिलेशन में थे। 2014 में हमारी मुलाकात हुई। मैं मेरठ सदर में रहती हूं। साजन मेरठ रेलवे रोड नई बस्ती में रहते हैं। लेकिन साजन मेरे घर के पास कवियत्री अनामिका अंबर, सौरभ भइया के यहां जॉब करते हैं। हमारी मुलाकात हुई। पहले हमारी जान, पहचान हुई। दोस्ती हुई। फिर हम एक दूसरे को चाहने लगे। पिछले 6 साल से हम रिलेशन में थे। तभी हमने शादी करने की सोच लिया था।

क्योंकि, हम एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते। अब हम दोनों बालिग हो चुके हैं। इसलिए हमने शादी करने का मन बना लिया। मेरे घरवाले मेरे लिए रिश्ते देख रहे थे। ये बात मैंने साजन को बताई। घरवाले शादी कहीं और करते उससे पहले हमने सोचा कि हम शादी कर लें। मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं साजन के साथ खुश नहीं रह सकती। अलग-अलग जाति, धर्म इंसानों ने बनाए हैं। मुझे साजन से शादी करना था, वो मैंने की है। मैं इसमें खुश हूं।

घरवाले राजी नहीं होते इसलिए भागना पड़ा

हमने शादी करने का मन बनाया तो हम समझ चुके थे कि हमारे घरवाले नहीं मानेंगे। साजन के घरवाले मान भी जाते, लेकिन मेरा परिवार कभी नहीं मानता। वही हुआ। तो हम दोनों ने योजना बनाई कि पैरेंट्स पहले खफा होंगे। बाद में मान जाएंगे। मैंने देखा है कि शादी के कुछ साल बाद सब ठीक हो जाता है। इसलिए हम 8 जनवरी को मेरठ से भागकर बदायूं चले गए। वहां 11 जनवरी को हमने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। फिर वहीं कोर्ट में इसे रजिस्टर करा लिया।

आप सब मुझे सपोर्ट करें, साथ दें

मैं अपनी मर्जी से आई हूं। साजन की खुशी मेरी खुशी, उसका परिवार मेरा परिवार है। मुझे हिंदू धर्म पसंद है। इसी धर्म को निभाना चाहती हूं। सभी से कहना चाहती हूं कि सब मुझे सपोर्ट करें और मेरा, मेरे पति का साथ दें। हिंदू धर्म में मुझे हर चीज शुरू से पसंद थी। मुझे पति भी इतने अच्छे मिले हैं। मैं पूरी तरह हिंदू बन चुकी हूं। हिंदुओं में मैंने महिलाओं की इज्जत देखी है। हिंदू परिवारों में लड़कियों को हमेशा सपोर्ट मिलता है।

पति को घरवालों ने दी जान से मारने की धमकी

शादी करके मेरठ आए तो यहां मेरे घरवालों ने मेरे पति साजन और ससुराल वालों को जान से मारने की धमकी दी। हम थाने में रिपोर्ट करने गए तो पुलिस ने हमारी कोई मदद नहीं की। हमें थाने से बाहर निकाल दिया।

पुलिस ने हमारी कोई बात नहीं सुनी

सौरभ भइया जो अनामिका दीदी के पति हैं वो हमारे साथ हमारी सुरक्षा के लिए थाने गए। लेकिन पुलिस ने उनको थाने से बाहर निकाल दिया। उनकी बात नहीं सुनी। उनके साथ काफी बदतमीजी की। हमारे घरवालों ने हम दोनों को जान से मारने की धमकी दी। मुझे अपने घरवालों पर अब कतई भरोसा नहीं है वो कुछ भी कर सकते हैं। मैं चाहती हूं वो मेरे पीछे न आए। न मेरे पति को धमकी दें। हमें चैन से जीने दें। जो धर्मगुरु प्यार को धर्म में बांटते है वो गलत है। सबका दिल एक है। हर किसी को जिंदगी अपनी मर्जी से पसंद से जीने का हक है। शाहीन से शालू बनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, काफी खुश हूं।

मैंने कोई चोरी नहीं बस प्यार किया है

एक हिंदू युवक से प्रेम कर मैंने गलत नहीं किया। सिर्फ प्यार किया है, कोई चोरी नहीं की है। पुलिस को हमारी बात सुनना चाहिए थे। सबको सुरक्षा पाने का हक है। हमारे साथ तो सौरभ भइया खड़े हुए लेकिन हर किसी के साथ नहीं हो सकते। पुलिस को सबकी बात सुनना चाहिए। मैं चाहती हूं मेरे पति को सुरक्षा और सहयोग मिले। मेरे परिजनों से मेरे पति, ससुराल को खतरा है।

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