नई दिल्ली:जजों की नियुक्ति पर केंद्र की आपत्ति-SC ने खंडन किया,जवाब में 3 लेटर जारी किए, 4 दिन चर्चा के बाद फैसला लिया

नई दिल्ली:जजों की नियुक्ति पर केंद्र की आपत्ति-SC ने खंडन किया,जवाब में 3 लेटर जारी किए, 4 दिन चर्चा के बाद फैसला लिया

जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र और न्यायपालिका में टकराव के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने वेबसाइट पर तीन लेटर जारी कर वकील सौरभ कृपाल, सोमशेखर सुंदरसन और आर जॉन सत्यन की पदोन्नत पर केंद्र और RAW-IB की आपत्तियों का खंडन किया है। साथ ही SC ने मसले पर केंद्र की आपत्तियों का जवाब भी दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट में वकील सौरभ कृपाल के नाम पर केंद्र की आपत्ति के जवाब में कहा कि जज के रूप में कृपाल की नियुक्ति का प्रस्ताव पांच साल से ज्यादा समय से लंबित है। अब इस प्रोसेस को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ ने 4 दिनों तक कई बैठकें की। इसके बाद सारी जानकारी जनता के सामने लाने का फैसला किया। वेबसाइट पर लेटर जारी करने से पहले बुधवार को तीनों जस्टिस को भी घंटों चर्चा की थी।

इसके बाद गुरुवार को भी लेटर जारी करने से पहले उन्होंने चर्चा की। बैठक में यह फैसला लिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम वकील सौरभ कृपाल, सोमशेखर सुंदरेसन और आर जॉन सत्यन की पदोन्नति की सिफारिश फिर केंद्र को भेजेगा।

केंद्र ने अपना प्रतिनिधि शामिल करने के लिए CJI को चिट्ठी लिखी थी

लंबे समय से SC कॉलेजियम केंद्र सरकार पर नियुक्ति के लिए भेजे गए जजों के नामों की मंजूरी देने में देर करने का आरोप लगा रहे हैं। 16 जनवरी को कानून मंत्री किरण रिजिजू ने CJI को पत्र लिखकर कॉलेजियम में अपना प्रतिनिधि शामिल करने की बात कही थी। केंद्र के रुख का जवाब देने के लिए CJI की अगुवाई में कॉलेजियम ने तय किया कि इस बार सारे मामले को सार्वजनिक किया जाए।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी वाई चंद्रचूड़ बीते कई दिनों से कॉलेजियम की सिफारिशों को लेकर विचार कर रहे थे। इसके बाद हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति की सिफारिश और सौरभ कृपाल जैसे कई वकीलों के नाम सिफारिश में फिर भेजने का फैसला किया है। इस बारे में 18 जनवरी को CJI, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ ने चर्चा की। वहीं, 19 जनवरी को कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने से पहले CJI ने इस मसले पर भविष्य में होने वाले मुख्य न्यायाधीशों से भी चर्चा की है।

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने एक बार फिर समलैंगिंग वकील सौरभ कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र ने उनके नाम पर आपत्ति जताते हुए किसी अन्य वकील का नाम देने की बात कही थी। लेकिन अब SC कॉलेजियम सौरभ के नाम पर अड़ गया है।

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