न्यूयार्क से ताजमहल देखने आए एडम का दर्द:बोले- दिव्यांग भाभी को लेकर गोद में 22 सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी पड़ी,खतरनाक है यह

 न्यूयार्क से ताजमहल देखने आए एडम का दर्द:बोले- दिव्यांग भाभी को लेकर गोद में 22 सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी पड़ी,खतरनाक है यह

दुनिया के दूसरे अजूबे ताजमहल पर एक फॉरनर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, दुनिया के शीर्ष स्मारकों में से एक क्यों है ताजमहल? यहां व्हील चेयर तक की सुविधा नहीं है? मेरे ब्रदर इन लॉ को मेरी दिव्यांग भाभी को 22 सीढ़ियां ऊपर और नीचे ले जाना था। यह न केवल अशोभनीय है, बल्कि पूरी तरह से खतरनाक भी है।

अमेरिका के टूरिस्ट एडम वॉकर ने ताजमहल के एक कड़वे अनुभव का ट्विटर पर वीडियो शेयर किया है। उन्होंने ताज के मुख्य मकबरे पर दिव्यांग के लिए व्हील चेयर ले जाने की व्यवस्था न होने पर पीड़ा जाहिर की है। उनके वीडियो को अब तक 20 हजार लोग देख चुके हैं।

6 जनवरी को ताजमहल घूमने आए थे

एडम वॉकर अमेरिका के न्यूयार्क में अंतरराष्ट्रीय डाटा कंपनी में इंजीनियर हैं। वह 6 जनवरी को अपनी भारतीय मूल की पत्नी, साले और सलहज के साथ ताजमहल घूमने आए थे। एडम के साले की पत्नी दिव्यांग हैं। ऐसे में उन्हें व्हील चेयर से ताजमहल के अंदर ले जाया गया।

मगर, ताजमहल के मुख्य मकबरे पर ले जाने के लिए उनके साले को पत्नी को गोद में उठाना पड़ा। मुख्य मकबरे की 22 सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में उन्हें काफी परेशानी हुई।

ट्वीट पर आ रहे कमेंट

एडम ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो और फोटो भी शेयर किए हैं। वीडियो को करीब 20 हजार लोग देख चुके हैं। अब लोग इस पर एडम के समर्थन और उसके ऐतराज जताते हुए कमेंट किए हैं। वहीं, इस मामले में अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल का कहना है कि ताजमहल की मूल संरचना में बदलाव और छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता है। अभी इसको लेकर कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है।

मुख्य मकबरे पर होती है दिक्कत

ताजमहल के मुख्य मकबरे पर दिव्यांगों के लिए परेशानी होती है। मगर, ताजमहल में रायल गेट प्लेटफॉर्म से नीचे नहरी चैनल तक और चमेली फर्श पर जाने के लिए मेहमान खाने और मस्जिद के पास लकड़ी के रैंप बनाए गए हैं। मुख्य मकबरे की ऊंचाई करीब 22 फीट है। ऐसे में वहां पर रैंप बनाना मुश्किल होगी। इसके लिए खुदाई भी करनी होगी, जिसकी इजाजत नहीं है।

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