विकास से सहमत विरोधी दलों को साधने पर जोर:भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले NDA का कुनबा बढ़ाने के लिए और दलों को जोड़ेगी

विकास से सहमत विरोधी दलों को साधने पर जोर:भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले NDA का कुनबा बढ़ाने के लिए और दलों को जोड़ेगी

अगले साल होने जा रहे लोकसभा और उससे पहले 10 राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा NDA का कुनबा बढ़ाने की दिशा में बढ़ सकती है। वैचारिक विरोध के बावजूद मोदी सरकार के विकास के एजेंडे पर राजी दलों को गठबंधन में लाने की सहमति पार्टी में बनी है। जिन राज्यों में पार्टी अभी मजबूत स्थिति में नहीं है वहां स्थानीय दलों से गठबंधन से परहेज नहीं होगा।

10 राज्यों में चुनाव, गठबंधन की शर्तों को उदार करेगी BJP

भाजपा महामंत्रियों की मंगलवार को बैठक में एनडीए के मौजूदा और भावी सहयोगियों पर मंथन किया गया। 10 राज्यों में इस साल होने वाले चुनाव को लेकर भी बातचीत हुई। सूत्रों ने कहा, भाजपा मिशन दक्षिण को सफल बनाने के लिए गठबंधन की शर्तों को उदार करेगी। खासकर पुराने सहयोगियों से गठबंधन में।

आंध्र प्रदेश में तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी), अभिनेता पवन कल्याण की जनसेना को सहयोगी बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि टीडीपी से गठबंधन कर भाजपा आंध्र में अपनी पैठ मजबूत कर सकती है। उसका फोकस तेलंगाना पर है ऐसे में बीआरएस (पहले टीआरएस) से मुकाबले के लिए यदि टीडीपी को साथ लेना पड़े तो भाजपा इससे परहेज नहीं करेगी।

पूर्व-उत्तर के चार राज्यों में भी गठबंधन को लेकर रणनीति बनी

उत्तर-पूर्व के चार राज्यों में चुनाव हैं। यहां त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है जबकि नागालैंड, मिजोरम और मेघालय में गठबंधन की सरकार है। इन तीनों राज्यों में गठबंधन के मौजूदा घटक दलों के साथ तालमेल बेहतर करने और नए सहयोगियों को जोड़ने की रणनीति बनाई गई। पार्टी के एक बड़े नेता कहते हैं कि भाजपा, खुद से गठबंधन की पहल नहीं करेगी चूंकि पार्टी खुद मजबूत स्थिति में है।

केंद्र सरकार के मंत्रालयों में इन दिनों बेचैनी है। पार्टी मुख्यालय से पीएमओ तक उच्च स्तरीय बैठकों की गहमागहमी मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल का संकेत दे रही है। सरकार और पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पुनर्गठन होगा।

यही टीम इस साल 10 राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का मोर्चा संभालेगी। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान और अनुराग ठाकुर को नई और अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी तरह गुजरात चुनाव के रणनीतिकार माने जाने वाले सीआर पाटिल को दिल्ली में अहम भूमिका में लाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता बुधवार को दिल्ली रवाना हुए हैं। लगभग सभी सांसदों के दिल्ली जाने के की खबर है। सांसद सुनीला सोनी, सरोज पांडेय, संतोष पांडे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव भी दिल्ली गए हैं। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी दिल्ली रवाना हुए हैं। डॉ रमन सिंह को भी दिल्ली बुलाया गया है। ये सारी की सारी कवायद मोदी कैबिनेट में होने जा रहे बदलाव से जोड़कर देखी जा रही है। भाजपा की ओर से आधिकारिक रूप से इस दौरे को लेकर कुछ कहा नहीं गया है।


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