जम्मू-कश्मीर के हालात पर बैठक अमित शाह की:सुरक्षा घाटी में, राजनीति और कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

जम्मू-कश्मीर के हालात पर बैठक अमित शाह की:सुरक्षा घाटी में, राजनीति और कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर गृहमंत्री अमित शाह आज रात एक अहम बैठक करेंगे। गृहमंत्री के आवास पर बैठक रात 9 बजे से शुरू होगी। बैठक में घाटी में सुरक्षा, राजनीति और कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के पार्टी अध्यक्ष रविंदर रैना, भाजपा नेता कविंदर गुप्ता, प्रभारी जम्मू-कश्मीर तरुण चुघ जैसे भाजपा नेता मौजूद रहेंगे।

यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है, जब हाल ही में घाटी में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया। इसमें सबसे ताजा मामला राजौरी के डोंगरी का है जहां एक हफ्ते पहले दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में 7 नागरिकों की मौत हो गई थी।

पहले जानिए क्या हुआ था राजौरी में...

आईडी कार्ड देखें और दनादन बरसा दीं गोलियां

नए साल के पहले दिन जम्मू-कश्मीर में तीन बड़े आतंकी वारदात हुए थे। आतंकियों ने राजौरी जिले के डांगरी गांव में 1 जनवरी यानी रविवार की शाम फायरिंग की थी। इस हमले में 4 हिंदुओं की जान चली गई थी और 7 घायल हुए थे। लोगों ने बताया कि आतंकी हमारे घरों में आए और आधार कार्ड देखकर दनादन गोलियां बरसा दीं। उनके टारगेट पर बाहरी लोग थे।

इस घटना को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि इसी गांव में एक बार फिर IED ब्लास्ट हुआ और दो बच्चियों की मौत हो गई। इस वारदात में 4 लोग घायल भी हुए थे। धमाका उन 3 घरों में से एक में हुआ, जहां रविवार शाम आतंकवादियों ने फायरिंग की थी।

आतंकवाद के खिलाफ अपनाए जीरो टॉलरेंस की नीति

बता दें कि पिछले महीने भी अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सिक्योरिटी और डेवलपमेंट को लेकर बैठक की थी। इसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। वहीं, बैठक में अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकियों और अलगाववादियों को मदद और बढ़ावा देने वाले नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत है।

जम्मू-कश्मीर में CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात होंगी

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहीं टारगेट कीलिंग को देखते हुए केंद्र सरकार ने सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। इन्हें राजौरी और पूंछ में तैनात किया जाएगा। 20 अतिरिक्त कंपनियों में 2 हजार सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे। इनमें से 10 कंपनियां दिल्ली से और बाकी की 10 कंपनियां आसपास के राज्यों से भेजी जाएंगी।

आर्टिकल-370 खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में जम्मू कश्मीर में पहली बार चुनाव हो सकते हैं। चुनाव के पहले विवाद की जमीन भी तैयार है। यहां पहली बार गैर कश्मीरियों को वोट का अधिकार देने की तैयारी है। यानी जो लोग कश्मीरी मूल के नहीं हैं, लेकिन यहां रह रहे हैं, वे भी वोट डाल सकेंगे। ऐसे 20 से 25 लाख लोगों को वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा सुरक्षाबलों के जवान और प्रवासी मजदूर होंगे।

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद 90 सीटें हो गई हैं। इनमें से 7 अनुसूचित जाति के लिए हैं। पहली बार अनुसूचित जनजाति के लिए भी 9 सीटें रिजर्व की गई हैं। चुनाव आयोग के हृदेश कुमार ने बताया कि सभी 90 विधानसभाओं के लिए नए सिरे से वोटर लिस्ट बनाने पर काम हो रहा है। इसके लिए 1 जनवरी 2019 की डेडलाइन रखी गई थी। अब 1 अक्टूबर 2022 तक या उससे पहले जो 18 साल के हो गए हैं, वे वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा सकते हैं।

Leave a Reply

Required fields are marked *