पठान जैसी मूवी हम सनातन धर्मियों को टारगेट कर रहीं:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हमने हिंदू सेंसर बोर्ड बनाया

पठान जैसी मूवी हम सनातन धर्मियों को टारगेट कर रहीं:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हमने हिंदू सेंसर बोर्ड बनाया

बॉलीवुड में बनी पठान मूवी पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सवाल उठाए हैं। सहारनपुर में पहुंचे शंकराचार्य ने कहा,ये सिर्फ एक मूवी की बात नहीं है। हर मूवी में हम सनातन धर्मियों को टारगेट किया जा रहा है। हमारे भगवा रंग, तिलक, श्लोक, वेद, परंपरा तो कहीं हमारी संस्कृति को चोट पहुंचाई जाई जा रही है। हमारी सहनशीलता से भी परे जाकर हमें चिढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने सेंसर बोर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा,हमारे देश में फिल्मों के लिए सेंसर बोर्ड बना हुआ है। बोर्ड को चाहिए ऐसे दृश्यों और तस्वीरों को आगे न जाने दें, लेकिन ये सब सामने आ रहा है। जनता को विरोध करने के लिए खड़ा होना पड़ा रहा है। इससे बुरा क्या हो सकता है? शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद सरस्वती सिद्ध पीठ मां शाकंभरी देवी के हर साल होने वाले कार्यक्रम में पहुंचे थे

शंकराचार्य ने कहा,हम हिंदू और सनातन धर्मियों की कोई सुनने वाला नहीं है। इसलिए हमने हिंदू सेंसर बोर्ड की स्थापना कर दी है। उसकी जरूरत थी। उन्होंने कहा,हमने भारत सरकार से मांग की थी। जो हमारे यहां सेंसर बोर्ड बना हुआ है। उसमें हिंदू और सनातन धर्म के दृष्टिकोण को जानने वाला बैठाया जाए। ताकि वह हमारी दृष्टि से देखे, कोई चुभने वाला दृश्य हो तो उसे इंगित करें। लेकिन इस बार को स्वीकार नहीं किया गया। इसलिए हमें निर्णय लेना पड़ा कि हम सनातन धर्मियों की ओर से ऐसा सेंसर बोर्ड बनाए, जो धार्मिक दृश्यों के बारे में संवेदनशील हो। ऐसे किसी भी दृश्य को जनता के बीच में नहीं जाने दे। जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों, भारतीय संस्कृति का बिगाड़ा गया हो।

हिंदू धर्मगुरू ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर कहा,एक-दूसरे को जोड़ने की बात अच्छी है, तोड़ने की अच्छी नहीं होती है। लेकिन भारत से ऐसा क्या टूटा है, जिसको जोड़ने की बात कही जा रही है। पिछले 200 सालों में भारत के कई टुकड़े हो गए। सबसे अंतिम भारत से पाकिस्तान टूटा है, बांग्लादेश टूटा है। तो क्या राहुल गांधी भारत में पाकिस्तान को जोड़ने की बात कर रहे हैं। क्या अखंड भारत का रास्ता प्रश्स्त होने वाला है, राहुल गांधी की इस यात्रा से...। अगर ऐसा है, ये स्वागत योग्य कदम है।

सरकार जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं कर पा रही

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर कहा,जनसंख्या नियंत्रण कानून बहुत सारे बनते हैं। जब तक लागू नहीं होगा, तब तक कहने का क्या मतलब है।धर्मगुरु ने संजय गांधी को याद करते हुए कहा, हम लोग जब छोटे थे तब संजय गांधी ने नसबंदी कराई। लेकिन आज तक आप नियंत्रण नहीं कर पा रहे हो। सरकार जनसंख्या को न तो नियंत्रण कर पा रहे हैं और न ही सदुपयोग कर पा रही हैं।

कॉमन सिविल कोड सिर्फ लुभावना

कॉमन सिविल कोड लुभावना वाक्य है। सब एक जैसे हो, क्या सब एक जैसे हो सकते हैं। क्या सबके लिए एक जैसा होना देश के लिए फायदेमंद है। उन्होंने एक कहावत भी कहीं,अंधेर नगर चौपट राजा, टका शेर भाजी टंका शेर खाजा। क्या सब एक जैसे हो सकते हैं क्या? जब सब एक जैसे नहीं हो सकते हैं तो ऐसे लुभावने मामले लोगों के सामने परोसते हो। लोग जैसे हैं, उन्हें वैसे रहने दो। उसी में अच्छा बना दो।

Leave a Reply

Required fields are marked *