राजस्थान में 6 नए जिले बन सकते हैं:नए डिस्ट्रिक्ट बनने का इंतजार14 साल से, वसुंधरा राज में आखिरी बना था

राजस्थान में 6 नए जिले बन सकते हैं:नए डिस्ट्रिक्ट बनने का इंतजार14 साल से, वसुंधरा राज में आखिरी बना था

23 जनवरी को बजट सत्र की घोषणा के साथ ही राजस्थान में नए जिले बनाए जाने की चर्चा ने फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश में इस समय 33 जिले हैं। यहां आखिरी जिला प्रतापगढ़ 2008 में वसुंधरा सरकार के समय बना था। तब से अब तक राजस्थान इस मोर्चे पर खाली हाथ है।

जरूरत बड़ी, मांग जायज

कई गांवों की दूरी मुख्यालय से 200 किमी तक है। हर काम के लिए आप पब्लिक को परेशानी होती है। डेवलपमेंट भी अटक रहा है। राज्य में जिन तहसीलों को जिले बनाए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाती रही है, उनमें- बालोतरा (बाड़मेर), कोटपुतली (जयपुर), फलौदी (जोधपुर), ब्यावर (अजमेर), नीम का थाना (सीकर) और डीडवाना (नागौर) शामिल हैं।

भास्कर ने पड़ताल में जाना कि इन क्षेत्रों में मौजूद कई गांवों की जिला मुख्यालय से दूरी 200 किलोमीटर तक है, जिसे तय करने में घंटों का समय लग जाता है। नतीजतन, यहां के निवासियों को तमाम तरह के छोटे से लेकर बड़े तक राजनीतिक- प्रशासनिक फायदों से वंचित रहना पड़ता है।

इधर, सांभर को जिला बनाने की सबसे पुरानी मांग

इन नए जिलों के बीच पिछले लंबे समय से सांभर को जिला बनाने की मांग की जा रही है। इसको लेकर पूर्व में भी कई आंदोलन हो चुके हैं। वर्ष 2012 और 2017 में सांभरलेक जिला बनाने के लिए जोरदार अभियान चलाया गया था। संयुक्त रूप से सांभरलेक-फुलेरा जिला बनाने की मुहिम चला रहे ग्रामीणों का दावा है कि सांभरलेक को जिला बनाने पर सरकार का बहुत ज्यादा खर्चा भी नहीं होगा। यहां एसडीएम, तहसील, डीएसपी कार्यालय हैं, सरकारी पीजी कॉलेज, आईटीआई, रेलवे स्टेशन, बीएसएनएल, नगरपालिका, सांभर साल्ट मुख्यालय, बीईईओ, महिला बाल विकास सहित सभी सरकारी कार्यालय पहले से हैं। हालांकि इसको लेकर अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ग्रामीणों की ये मांग कब तक पूरी होगी। लेकिन, दो महीने पहले ही बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ था और बाजार बंद रखे गए थे। इसके बाद जयपुर तक बाइक रैली निकाली गई और अधिकारियों से मुलाकात की थी।

तीन जिलों में बंटी है सांभर झील

वर्तमान में झील 3 जिलों में बंटी है। झील का इलाका नागौर, अजमेर और जयपुर जिले में आता है। 3 जिलों के कलेक्टरों के आदेश लागू होते हैं इससे प्रशासनिक कार्यों में देरी होती है और समय पर नमक उत्पादन या अतिक्रमण हटाने में विरोधाभास होता है। यदि सांभरलेक जिला बनता है तो यह समस्या भी दूर हो जाएगी। सांभरलेक टूरिज्म, नमक उत्पादन और फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा जगह बन गया है।


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yhfee@chitthi.in, 10 June 2023

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