आमने-सामने गाजीपुर कोर्ट में दो दुश्मन होंगे:MP-MLA कोर्ट में बाहुबली मुख्तार व बृजेश की आज पेशी;होगा सामना 21 साल बाद

आमने-सामने गाजीपुर कोर्ट में दो दुश्मन होंगे:MP-MLA कोर्ट में बाहुबली मुख्तार व बृजेश की  आज पेशी;होगा सामना 21 साल बाद

यूपी के दो बाहुबली मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह आज 21 साल बाद आमने-सामने होंगे। दोनों की पेशी गाजीपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी। इसके लिए प्रशासन ने कोर्ट के बाहर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए हैं। कोर्ट में उसरी चट्टी कांड का मामला विचाराधीन है। इस केस में वादी मुख्तार हैं, प्रतिवादी बृजेश सिंह हैं।

बता दें कि 15 जुलाई वर्ष 2001 में मुख्तार के काफिले पर जानलेवा हमला हुआ था। जिसमें 3 लोगों की हत्या हुई थी। मुख्तार ने इसका आरोप बृजेश सिंह पर लगाया था। इसी मामले की सुनवाई के लिए बाहुबली मुख्तार को आज बांदा जेल से गाजीपुर लाया जाएगा। कोर्ट के बाहर या अंदर किसी भी तरह का उत्पात न हो, इसके लिए प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती की है।

मुख्तार के परिवार ने CJI समेत UP सरकार को लिखा पत्र

मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है। उसने बांदा जेल से पेशी पर निकलने से पहले अपनी जान को खतरा बताया है। परिवार ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, चीफ जस्टिस इलाहाबाद हाईकोर्ट, यूपी सरकार और बांदा व गाजीपुर प्रशासन को पत्र भेजकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। परिवार के लोगों ने सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर पूरे इंतजाम करने की गुहार लगाई है।

कोर्ट ने मुख्तार को फिजिकली पेश होने का दिया था आदेश

एडीजीसी क्रिमिनल नीरज श्रीवास्तव ने बताया, बृजेश तारीख पर खुद कोर्ट में आते रहे हैं। लेकिन मुख्तार अंसारी को फिजिकली पेश होने के लिए 3 जनवरी को आदेश दिया गया था। आज दोनों की पेशी होनी है। मुख्तार पर जमीन हथियाने, हत्या और वसूली समेत अन्य आरोपों पर करीब 49 आपराधिक केस दर्ज हैं। ईडी की जांच भी चल रही है।

अब पढ़िये 15 जुलाई 2001 को क्या हुआ था

मुख्तर अंसारी के वकील लियाकत अली ने बताया कि 2001 में मुख्तार पर जानलेवा हमला हुआ था। 15 जुलाई 2001 को करीब 12:30 बजे तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी अपने पैतृक घर मुहम्मदाबाद से मऊ जा रहे थे। इसी दौरान उनके काफिले पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। उन्हें बचाने के लिए गनर रामचंदर आए। गोली लगने से रामचंदर ने दम तोड़ दिया था। जबकि मुख्तार के साथी रुस्तम और बाबू भी गोली लगने से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया था। उस समय एक हमलावर भी मारा गया था। जबकि कई लोग घायल हुए थे।

मुख्तार ने तीन लोगों पर लगाया था आरोप

मुख्तार अंसारी ने अपने जानी दुश्मन बृजेश सिंह को हमले में मुख्य आरोपी बनाया था। मामले में त्रिभुवन सिंह और अनिल सिंह पर भी आरोप था। त्रिभुवन सिंह इस समय मिर्जापुर जेल में बंद है और अनिल सिंह की मौत हो चुकी है। करीब 2 दशक बाद दोनों जानी दुश्मन आमने- सामने होंगे।

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