गाजियाबाद: रेलवे कर्मी से सेक्सटॉर्शन; क्राइम ब्रांच व CBI अफसर बनकर धमकाया, वीडियो हटाने के नाम पर 50 हजार लिए

गाजियाबाद: रेलवे कर्मी से सेक्सटॉर्शन; क्राइम ब्रांच व CBI अफसर बनकर धमकाया, वीडियो हटाने के नाम पर 50 हजार लिए

गाजियाबाद में एक रेलवे कर्मी को महिला ने वीडियो कॉल कर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। जिसके बाद CBI और क्राइम ब्रांच ऑफिसर बनकर रेलवे कर्मी को धमकाया। सेटलमेंट के नाम पर 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। रेलवे कर्मी ने पांच लोगों के खिलाफ थाने में सेक्सटॉर्शन और IT एक्ट का केस दर्ज कराया है।

अश्लील हरकत पर रेलवे कर्मी ने काटी कॉल

ताज हाईवे स्थित आवास-विकास समिति में रहने वाले शख्स रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया, 15 दिसंबर को एक अज्ञात महिला की वॉट्सएप पर वीडियो कॉल आई। उन्होंने कॉल रिसीव कर ली। कुछ सेकंड तक महिला सामान्य रूप से बातचीत करती रही। अचानक ही वो कॉल पर अश्लील हरकत करने लगी। ये देख रेलवे कर्मी ने कॉल काट दी।

जालसाजों ने भेजे आईडी प्रूफ

16 दिसंबर को रेलवे कर्मी पर अज्ञात नंबर से फिर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पहले क्राइम ब्रांच नई दिल्ली का एडिशनल ऑफिसर अजय राठौर बताया। फिर उसी नंबर से दोबारा कॉल आई और इस बार CBI ऑफिसर विक्रम गोस्वामी नाम बताया। जालसाजों ने क्राइम ब्रांच और CBI के आईडी प्रूफ रेलवे कर्मी को भेजे। जिससे उनको भरोसा हो गया।

रुपए नहीं दिए तो वीडियो वायरल कर देंगे

इसके बाद फ्रॉड गैंग ने कहा कि अश्लील वीडियो यूट्यूब पर वायरल को जाएगा। अगर वीडियो को वायरल होने से रुकवाना हो तो जल्दी यूट्यूब ऑफिसर से बात कर लो। ठगों ने जो नंबर दिया, रेलवे कर्मी ने उस पर बात की। यूट्यूब से कथित तौर पर वीडियो हटाने के नाम पर ठगों ने करीब 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। इसके बावजूद वे रुपए मांगते रहे। जब रेलवे कर्मी ने ये कहा कि वह दिल्ली में मिलने के लिए आ रहा है, तब फ्रॉड गैंग के सारे मोबाइल नंबर बंद हो गए। तब जाकर रेलवे कर्मी को ठगी का अहसास हुआ।

पांच के खिलाफ केस दर्ज

क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने इस मामले में अजय राठौर उर्फ विक्रम गोस्वामी, इसराइल खान, देवेंद्र, सतीश कुमार मीणा, चंदी गोपाल गिरि के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित रेलवे कर्मी ने वे सभी बैंक-यूपीआई खाते पुलिस को मुहैया कराए हैं। जिनमें पैसा ट्रांसफर हुआ है। इसके अलावा फ्रॉड गैंग ने क्राइम ब्रांच और सीबीआई के जो आईडी प्रूफ भेजे थे, पीड़ित ने वह भी पुलिस को दिखाए हैं। माना जा रहा है कि ये आईडी प्रूफ फर्जी हैं।

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