खतरा चीनी वेरिएंट से ज्यादा अमेरिकी वेरिएंट से : SGPGI के प्रो. एबल लॉरेंस ने कहा-तय चौंथी लहर आना ; मगर मारक क्षमता कम रहेगी

 खतरा चीनी वेरिएंट से ज्यादा अमेरिकी वेरिएंट से : SGPGI के प्रो. एबल लॉरेंस ने कहा-तय चौंथी लहर आना ; मगर मारक क्षमता कम रहेगी

कोरोना का खौफ बढ़ता जा रहा है। इससे निपटने के लिए सरकार भी तैयारियों में जुट गई है। कहा जा रहा है कि अगले 40 दिन में भार में चौथी लहर आ सकती है। इसी बीच SGPGI के प्रोफेसर डॉ. एबल लॉरेंस ने कहा कि देश के लिए चीनी वैरिएंट BF.7 से ज्यादा खतरनाक अमेरिकी वैरिएंट XBB 1.5 है।

उन्होंने कहा कि चौथी लहर आना तय है। मगर यह दूसरी लहर की तरह मारक नहीं होगी। साथ ही उन्होंने नए साल पर सेलिब्रेशन करने वालों को सुझाव दिया। कहा कि इनडोर पार्टी से अच्छा है कि ओपन स्पेस में आउटडोर पार्टी रखे। यहां भी कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करने से सुरक्षित रहेंगे।

सवाल -हम कितने सुरक्षित हैं और किस वैरिएंट से ज्यादा खतरा है?

जवाब - चीन के लोगों में इम्यूनिटी कम है। भारत की अपेक्षा चीन में वैक्सीनेशन भी कम हुआ है। यूपी में डबल डोज वैक्सीनेशन का आंकड़ा करीब 100% हैं। इस लिहाज से भारत की पॉपुलेशन में इम्यूनिटी बेहतर हैं। ठीक उसी प्रकार दुनियाभर में सबसे ज्यादा और बेहतरीन तरीके से वैक्सीनेशन अमेरिका में हुआ। मगर वहां BF.7 नहीं, XBB 1.5 के कारण कोरोना के मामलों में तेजी आ रही हैं।

कुल मिलाकर यह समझना होगा कि कोविड के केस बढ़ने के पीछे तमाम फैक्टर्स होते हैं। इस लिहाज से ये कहा जा सकता हैं कि कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। मगर, कौन सा वैरिएंट यहां प्रभावी होने वाला है। इसका अभी अनुमान लगाना मुश्किल है।

सवाल - कोरोना की चौथी लहर आनी तय है? ये कितनी भयावह होगी?

जवाब - वायरस इवॉल्व कर रहा है। यानी कोरोना वायरस बदल रहा है। पहले एक स्ट्रेन और दूसरे स्ट्रेन में जितना फर्क होता था। अब उससे ज्यादा फर्क एक स्ट्रेन के दो वैरिएंट में ही देखने को मिल रहा हैं। अभी वो स्थिति नहीं है कि वायरस म्यूटेंट न करे। किसी हाइली इवेसिव वैरिएंट के कारण कभी भी चौथी लहर आ सकती हैं। ये लगभग तय हैं, लेकिन राहत की बात ये है कि आबादी में पहले से हुए नेचुरल एक्सपोजर और वैक्सीन इम्यूनिटी से इसकी मारक क्षमता कम ही होगी।

सवाल - अभी क्या सावधानी बरते, इससे सुरक्षित कैसे रहा जाए?

जवाब - CAB यानी कोविड एप्रोप्रियेट बेहवियर, जिसमें मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग जैसी तमाम हिदायत है। उनका पालन करना बेहतर होगा। ये समय पैनिक होने का नहीं है। लेकिन अलर्ट रहने का है। सचेत रहने से संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके अलावा टेस्टिंग बढ़ाना चाहिए। अच्छी बात ये है कि सरकार इसको लेकर सजग है। एयरपोर्ट जैसी जगहों पर स्क्रीनिंग होना बहुत जरूरी है। पॉजिटिव आने पर कोविड प्रोटोकॉल को जरूर फॉलो करें।

सवाल - न्यू ईयर को लोग अलग-अलग तरीकों से सेलिब्रिट कर रहे हैं। इनको क्या मैसेज देंगे?

जवाब - मेरा यही कहना है कि सचेत रहें। थोड़ी सावधानी बरते। अगर सेलिब्रेट भी कर रहे हो तो इनडोर सेलिब्रेशन की जगह आउटडोर सेलिब्रेशन को ज्यादा तवज्जो दें। ये मत माने कि कोविड चला गया है। अभी कोविड केस नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही बरतने पर इसमें इजाफा हो सकता है।

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