अखिलेश की प्रेस कॉफ्रेंस OBC आरक्षण पर.कहा-भाजपा आज OBC, कल दलितों से अधिकार छीनेगी लेकिन हम लड़ेंगे लड़ाई

 अखिलेश की प्रेस कॉफ्रेंस OBC आरक्षण पर.कहा-भाजपा आज OBC, कल दलितों से अधिकार छीनेगी लेकिन हम लड़ेंगे लड़ाई

यूपी में ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। गुरुवार दोपहर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस की। इसकी सब्जेक्ट लाइन थी- भाजपा हटाओ आरक्षण बचाओ ! इसमें उन्होंने पर सत्ता दल भाजपा पर जमकर हमला किया। अखिलेश ने कहा, भाजपा आरक्षण विरोधी है। आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है। आज पिछड़ों का आरक्षण छीना। कल दलितों की बारी है। भाजपा OBC- दलितों का आरक्षण छीनकर उन्हें पीछे कर रही है। वह वोट तो लेना चाहती है, मगर भागीदारी नहीं देना चाहती है।

सपा प्रमुख ने आगे कहा, रिजर्वेशन के लिए भी रिवॉल्यूशन की स्थिति बन गई। भाजपा एक-एक करके सभी संस्थाओं का आरक्षण खत्म करना चाहती है। हम पिछड़ों की लड़ाई लड़ेंगे। वहीं, सपा प्रमुख के बयान पर सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने पलटवार किया। राजभर ने कहा, अखिलेश सरकार में थे, तो उन्हें 17 जातियां नहीं दिख रही थी। अखिलेश अपने गिरेहबान में झांककर देखें।

OBC-दलित को गुलाम बनाना चाहती है भाजपा

अखिलेश ने कहा, भाजपा का पिछड़ों के प्रति हमेशा सौतेला व्यवहार रहा है। षड्यंत्र के तहत बाबा साहब के दिए अधिकार को खत्म कर रही है। आरक्षण छीनकर उन्हें गुलाम बनाना चाहती है। दिल्ली- यूपी में बनी सरकार पिछड़ों के वोट से बनी हैं। लेकिन, सरकार में पिछड़ों के लिए जगह नहीं है। सरकार आरक्षण तो खत्म कर ही रही है, साथ ही चुनाव से भी भागना चाहती है।

पुलिस भर्ती का घोषित रिजल्ट बदल दिया

अखिलेश सिर्फ आरक्षण पर ही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, पुलिस भर्ती का घोषित रिजल्ट बदल दिया गया। इसमें 1700 पिछड़ों को नौकरी मिली थी। लेकिन 4 दिन बाद उनकी खुशी छीन ली गई। भाजपा में आने के बाद पिछड़े नेताओं और मंत्रियों की आत्मा मर जाती है। सरकार भेदभाव कर रही है। अगर सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़नी पड़ी तो सपा कोर्ट भी जाएगी।

जातीय जनगणना कराए, हमें कोर्ट पर भरोसा

अखिलेश ने कहा, जातीय जनगणना करवाई जाए। हमको कोर्ट पर भरोसा है। भाजपा जब तक है, पिछड़ों और दलितों का अधिकार नहीं मिलेगा। बलिया, बांदा यूनिवर्सिटीज में पिछड़ों-दलितों के अधिकार खत्म कर दिए गए। सरकार को आरक्षण के मुद्दे पर सदन बुलाकर अपना पक्ष रखना चाहिए। ये लोग चुनाव से डरते हैं। ये चुनाव नहीं लड़ना चाहते है। खतौली, रामपुर, मैनपुरी हर चुनाव में धांधली करना चाहते थे। रामपुर में सरकार ने कितनी बेईमानी की सबको मालूम है।

अखिलेश के इस बयान पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश सरकार में थे, तो उन्हें 17 जातियां नहीं दिख रही थी। अखिलेश अपने गिरेहबान में झांककर देखे। ओपी राजभर का ये स्टेटमेंट पिछड़ों के बाद दलितों के अधिकार छीनने वाले बयान पर था। उन्होंने कहा कि बिना आरक्षण चुनाव नहीं होने देंगे। पहले के आयोग की रिपोर्ट का भी परीक्षण करा ले सरकार। केवल आयोग पर आयोग बनता रहा है। अधिकारियों ने परिसीमन में गड़बड़ी की है। सुप्रीम कोर्ट भी जाने की तैयारी कर रहे है।

सपा सरकार ने अति पिछड़ा को आरक्षण देने का मन नहीं बनाया। 38% आबादी सरकार बनाती और बिगाड़ती हैं। आरक्षण के हिसाब से मैंने सपा को टिकट बांटने को कहा था। निकाय चुनाव में आरक्षण में घालमेल हुआ। जिले स्तर में स्थानीय नेताओं के दबाव में आरक्षण जारी हुआ। सबसे पहले आरक्षण को अखिलेश यादव ने ही लूटा। हमने मंत्री होते हुए भी अति पिछड़ों की आवाज उठाई। सपा के वकील हाईकोर्ट में खड़े क्यों नहीं हुए। आजादी के बाद देश मे सबसे ज्यादा फैक्ट्री कांग्रेस ने लगाई। इनको आरक्षण का लाभ मिल चुका उनको जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यात्रा में शामिल होने पर विचार करेंगे।


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