अंतिम दिन हरियाणा विधानसभा सत्र का. शिक्षकों की कमी का मुद्दा सदन में गूंजा. डिप्टी CM की मां नैना ने उठाए सवाल सरकार पर

अंतिम दिन हरियाणा विधानसभा सत्र का. शिक्षकों की कमी का मुद्दा सदन में गूंजा. डिप्टी CM की मां नैना ने  उठाए सवाल सरकार पर

हरियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल शुरू हुआ। इस दौरान डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला की मां और बाढड़ा से विधायक नैना सिंह ने शिक्षकों की कमी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में लगातार शिक्षकों की कमी चल रही है।

उनके हल्के में कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ मुख्य अध्यापक ही है। ऐसे में वहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। हाल ही में एक स्कूल में ग्रामीणों ने ताला लगा दिया। बड़ी मुश्किल में उस ताले को खुलवाया जा सका है।

रेवाड़ी के विधायक राव चिरणजीव ने पूछा राजकीय महाविद्यालय के लिए सड़क निर्माण की जानकारी। चिरणजीव ने कहा कि 9 साल पहले मुख्यमंन्त्री ने घोषणा की थी मगर अभी तक पूरी नही हुई है। जवाब में शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा उनकी जानकारी में है। जैसे ही विभाग के नाम जमीन होगी काम शुरू कर दिया जाएगा।

विधायक नैना सिंह चौटाला ने हलके के राजकीय स्कूल को अपग्रेड करने, किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जल्दी दिलाने, हलके के दर्जनों गांवों में पीने के लिए पानी उपलब्ध कराने, बसों की कमी को दूर करने, बाढड़ा महिला कॉलेज में एमएससी की सीटें बढ़ाने, बाढ़डा, कादमा, डाढ़ीबाना बिजली घरों में आए हुए 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर को स्थापित करने, हल्के के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने जैसे जरूरी मुद्दों पर आवाज उठाई और सरकार से सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।

शून्य काल में विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायक भव्य बिश्नोई ने अपना पहला सवाल पूछा। उन्होंने सदन में सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली पानी दिक्कत को दूर करने की मांग रखी। कमल गुप्ता ने उनको जवाब दिया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप लाइन के द्वारा जल की आपूर्ति कर रही है। जिन गांवों में दिक्कत है उसे दूर किया जाएगा।

फरीदाबाद में क्यूआरपी अस्पताल के पास हुई 6 सीवरमैनों की मौत के मामले में गलत जानकारी देने पर स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता मंत्री कमल गुप्ता पर भड़क गए। उन्होंने कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा के सवाल पर 3 सीवरमैनों की मौत होने की बात कही। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन में सभी मंत्री सही जानकारी दें। साथ ही यह भी कहा कि जो भी अधिकारी सदन में गलत जानकारी दे रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे अन्य अधिकारी भी सबक ले सकें।

एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि कोसली में फ्लाईओवर का निर्माण दोबारा शुरू होगा। इसमें करीब 12 करोड़ रुपए की लागत आएगी। वर्ष 2012 में जिस कंपनी ने यह पुल बनाया था, उसको D-बार कर दिया गया है। इसी वित्त वर्ष में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि कोसली में बाइपास के लिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। ऐलनाबाद विधायक अभय चौटाला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा एक और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया गया है। कुछ जिलों में शराब के गोदामों में स्टॉक कम होने के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा तीन अहम विधेयक भी रखे जाएंगे।

खट्‌टर-हुड्‌डा हुए आमने-सामने

हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन CM मनोहर लाल और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा आमने-सामने हो गए। हुड्‌डा ने तंज कसा कि सब कुछ पोर्टल पर चल रहा है तो सरकार व मंत्रियों की क्या जरूरत है?। CM मनोहर लाल ने इस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि सरकार पोर्टल पर चल रही है। उन्हें दर्द इसलिए हो रहा है कि क्योंकि जो उन्होंने भ्रष्टाचारियों की बड़ी फौज खड़ी की थी। वह अब धीरे धीरे खत्म हो रही है। सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए और पोर्टल जारी करेगी।

हुड्‌डा को बोले खट्‌टर, आइना देखो, फिर कोई बात कहो

कौशल रोजगार निगम में भर्ती प्रक्रिया पर चर्चा के दौरान सीएम मनोहर लाल और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा आमने सामने हो गए। सीएम ने हुड़्डा से कहा कि गलत बात हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हुड़्डा ने कहा कि मेरे अनुभवों से क्यों नहीं सीखते। इस पर सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि आइना देखो फिर कोई बात कहो। हुड्‌डा ने कहा कि हम हरियाणा के युवाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।

दूसरे दिन की 5 बड़ी बातें...

1. तकनीक को स्वीकारना ही होगा. CM ने सीएम ने कहा कि क्राइटेरिया के दौरान अंक तय करेंगे, ताकि अपने अपने घर बैठे अपने मार्क्स गिन लें। समय समय पर बदलाव होता रहता है। किस विभाग में कितनी पोस्टें चाहिए। अब दो बदलाव बता रहा हूं। एक तकनीक युग आ गया है। अच्छी सरकार की व्यवस्था बनानी हैं तो हमें तकनीक को स्वीकारना ही होगा। हम एक रेसिलाइजेशन कमीशन बना रहे हैं। वह यह काम करेगा कि किसी विभाग में कितनी पोस्टें हैं वह बताएगा। जहां पोस्टें ज्यादा होंगी वहां कम की जाएंगी।

Leave a Reply

Required fields are marked *