KGMU का 18वां कॉन्वोकेशन:राज्यपाल ने 41 स्टूडेंट्स को मेडल दिए 2 एलुमनाई को दी D.Sc की उपाधि

KGMU का 18वां कॉन्वोकेशन:राज्यपाल ने 41 स्टूडेंट्स को मेडल दिए 2 एलुमनाई को दी D.Sc की उपाधि

यूपी के सबसे बड़े चिकित्सा विश्वविद्यालय KGMU यानी किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी का 18वां दीक्षांत समारोह शुरू हो गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कॉन्वोकेशन में 41 मेधावियों को मेडल दिए। मेडल पाने वालों में 23 लड़कियां और 18 लड़के हैं। 20 गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल MBBS के मेधावियों को दिए गए। 10 गोल्ड मेडल और चार सिल्वर मेडल डेंटल फैकल्टी के स्टूडेंट्स को दिए गए।

इसके अलावा रिटायर्ड सीनियर फैकल्टी डॉ. एसके दास को एमिनिएंट फैकल्टी मेडल से नवाजा गया। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुंचे। जलाभिषेक कर दीक्षांत समारोह की शुरुआत हुई।

जहां पैदा हुआ और पढ़ा वहां अवार्ड पाना बेहद खास: डॉ. अनिल

राष्ट्रपति और PM के डेंटल सर्जन डॉ. अनिल कोहली को D.Sc की उपाधि दी गई। डॉ. अनिल कोहली ने कहा कि मैं यहीं के क्वीन मेरी में पैदा हुआ। यहीं पढ़ने का अवसर मिला। मैं गाजियाबाद के नजदीक हापुड़ का रहना वाला हूं। छोटी-सी जगह से निकल कर यहां तक पहुंचना मेरे लिए यह बड़ी उपलब्धि है। मेरी मां इस अवसर पर जरूर मुस्कुरा रही होंगी। मैं आर्मी में जाना चाहता था, पर फ्लैट फुट के कारण नहीं जा सका। हालांकि 30 साल बाद मैंने आर्मी के लोगों को लिए डेंटल कॉलेज सेटअप किया तो पूर्व राष्ट्रपति ने मुझे ब्रिगेडियर की उपाधि दी। तमाम अवार्ड मुझे मिले, पर जहां पैदा हुआ और जहां पढ़ा वहां अवार्ड पाना बेहद खास हैं।

27 साल में यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में लेक्चरर बना: डॉ. मोन जैदी

अमेरिकन बेस्ड टॉप फिजिशियन डॉ. मोन जैदी को D.Sc की उपाधि दी गई। डॉ. मोन ने कहा, मैं 1971 बैच का स्टूडेंट रहा। हमेशा बैक बेंचर रहा। ब्राउन हॉल में सबसे पीछे ही बैठता था। मैं भी क्वीन मेरी में पैदा हुआ। IITR के फाउंडिंग डायरेक्टर रहे मेरे पिता भी यहीं से 1950 में पास आउट हुए थे। पिता ही मेरे रोल मॉडल रहे। 1984 में जब मैं PHd करने लंदन जा रहा था तो यह बड़ा स्टेप था। डर था कि हो सकता हैं मैं सफल न होता। लेकिन, KGMU के बैकग्राउंड की बदौलत मैं सफल रहा। मेरी यही राय कि मेंटर जरूर बनाएं। 27 साल में यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में लेक्चरर बनाया गया, जो एक यंगेस्ट लेक्चरर के रूप में आज भी एक रिकॉर्ड है।

चांसलर समेत 13 गोल्ड मेडल महविश को

KGMU के सबसे प्रतिष्ठित चांसलर, हीवेट और यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल MBBS की महविश अहमद को मिले। बीते साल यह तीनों मेडल छात्र उजैर ने अपने नाम किए थे। महविश को दीक्षांत में 13 गोल्ड मेडल, दो बुक प्राइज और दो सिल्वर मेडल मिले। MBBS के दीपक बंसल को छह गोल्ड और एक सिल्वर मेडल मिला। अदिति चंद्रा को एक गोल्ड मेडल मिला।

पहले भी लड़कियों ने ही मैदान मारा, आज भी लड़कियां आगे, राज्यपाल

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा, मैंने आज तक जितने भी कॉन्वोकेशन अटेंड किए हैं, उन सभी मे हमेशा लड़कियों ने ही मैदान मारा। यहां भी लड़कियां ही आगे रहीं। सबसे पहले स्टूडेंट्स के माता-पिता को धन्यवाद देना चाहूंगी कि उन्होंने अपने बच्चों को इस क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए भेजा। सभी पास आउट होने वाले स्टूडेंट्स से सबसे पहले यही कहना हैं कि जीवन में कभी भी मां-बाप को भूलना नहीं। 100 साल से ज्यादा सालों से संस्थान का रहना ही दिखाता है कि किस स्तर का यह चिकित्सा संस्थान है। आज भी यह आगे सही दिशा में बढ़ रहा है, यह अच्छी बात है।

उन्होंने कहा, मेरी छोटी बहन को भी हार्ट अटैक आया था तो मैंने भी उसके 3 बॉडी पार्ट्स को डोनेट करवाया था। KGMU आने वाले 10 साल में चिकित्सा विश्वविद्यालय को कहां पहुंचाना है, इसके लिए विजन डाक्यूमेंट्स तैयार करे। हमारे यहां से लोग मुंबई क्यों जाते हैं, आपने अच्छा काम किया हैं, लेकिन कुछ कमियां भी हैं। उनको भी बैठकर दुरुस्त करें।

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