UP: बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में भर्ती घोटाला, संविदा कर्मी नियुक्ति मामले में लाइब्रेरियन और कार्यालय अधीक्षक पर FIR

UP: बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में भर्ती घोटाला, संविदा कर्मी नियुक्ति मामले में लाइब्रेरियन और कार्यालय अधीक्षक पर FIR

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में वर्ष 2003 में हुई संविदा नियुक्ति में अनियमित्ता मामले में आखिरकार हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। नवनियुक्त निदेशक सरनीत कौर ने कार्यभार संभालते ही इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद मंगलवार को प्रधान सहायक की तहरीर पर तत्कालीन लाइब्रेरियन और रिटायर कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

2003 में हुई थी भर्ती

इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि प्रधान सहायक कुलदीप सिंह ने तहरीर दी है। जिसमें लाइब्रेरियन मो. आसिफ और पूर्व कार्यालय अधीक्षक मायालाल पर आरोप लगाए हैं। कुलदीप सिंह के मुताबिक वर्ष 2003 में 63 सीडीपीओ और 353 मुख्य सेविका और 294 पदों पर चपरासियों की नियुक्ति संविदा पर की गई थी। शिकायत हुई थी कि यह नियुक्ति मानकों की अनदेखी की गई थी। इस पर शासन ने विभागीय जांच कराई थी। जिसमें प्रारंभिक रिपोर्ट में अनियमित्ता सामने आई थी।

रिपोर्ट में तीनों पदों पर नियुक्ति में आरक्षण व्यवस्था व भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी किया जाना पाया गया। जांच में पता चला कि मो. आसिफ ने संविदा नियुक्ति संबंधी अभिलेख किसे सौंपे थे। इसका रिकार्ड कहीं दर्ज नहीं है। मो. आसिफ के साथ ही कार्यालय अधीक्षक मायालाल की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जिसके आधार पर हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज की गई है।

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