अंचल अधिकारी की मिलीभगत से बेच दी गई सरकारी जमीन, हटाए गए मांझा के सीओ: गोपालगंज

अंचल अधिकारी की मिलीभगत से बेच दी गई सरकारी जमीन, हटाए गए मांझा के सीओ: गोपालगंज

गोपालगंज: कुचायकोट और बरौली अंचल पदाधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब मांझा प्रखंड के अंचल पदाधिकारी शाहिद अख्तर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. गोपालगंज के मांझा बाजार में करोड़ों की सरकारी जमीन की जमाबंदी कराकर बेचने का खुलासा होने के बाद मांझा प्रखंड के अंचल पदाधिकारी (सीओ) शाहिद अख्तर भी जांच के दायरे में आ गए हैं. शनिवार को डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने सीओ शाहिद अख्तर को तत्काल प्रभात से सीओ के पद से हटा दिया है. वहीं बरौली के राजस्व पदाधिकारी (आरओ) को मांझा अंचल के सीओ का प्रभार सौंपा गया है.

दरअसल, ये पूरी कार्रवाई जांच टीम की रिपोर्ट पर की गयी है. चूंकि शाहिद अख्तर को सीओ के पद पर रहते हुए जांच प्रभावित होने की आशंका थी, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से सीओ के पद से हटा दिया गया है. बता दें कि सीओ कार्यालय से पिछले एक साल में हुए दाखिल-खारिज के मामलों की जांच के लिए डीएम ने तीन अधिकारियों की टीम बनाई है. जिला परिवहन पदाधिकारी मनोज कुमार रजक, सदर एसडीएम डॉ प्रदीप कुमार और डीसीएलआर बीरेंद्र प्रसाद की टीम जांच कर रही है. टीम को दाखिल-खारिज के रद्द हुए आवेदनों की भी जांच करनी है कि किस वजह से रद्द किये गये. पूरी जांच गोपनीय रखी जा रही है.

सीओ का करीबी था शिक्षक संतोष

जांच शुरू होने के बाद कई तथ्य सामने आने लगे हैं. कहा जा रहा है कि जिस शिक्षक के घर में छापेमारी के दौरान अंचल कार्यालय का सरकारी दस्तावेज, सीओ का मुहर, जमाबंदी के कागजात, नक्शा मिले, वह शिक्षक जमीन माफिया था और सीओ शाहिद अख्तर का बेहद करीबी था. इसी के जरिए दाखिल-खारिज का पूरा काम होता था.

शिक्षक के नेपाल भागने की आशंका

मांझा बाजार के निवासी और लंगटुहाता स्कूल का शिक्षक संतोष महतो ने सीओ कार्यालय से मिलकर सरकारी जमीनों की बंदोबस्ती कराकर बेच डाली है. इनमें केशवर पुस्तकालय की जमीन भी शामिल है, जहां पर पुस्तकालय थी, वहीं बिल्डिंग बनने लगी है. पुस्तकालय का नामोंनिशान मिट चुका है. शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. आशंका जताई जा रही है कि शिक्षक संतोष महतो नेपाल की तरफ फरार हो गया है.

पहले भी दो सीओ पर हो चुकी है कार्रवाई

गोपालगंज में भ्रष्टाचार के मामले में सीओ पर पहली कार्रवाई नहीं है. इसके पहले कुचायकोट के सीओ उज्ज्वल कुमार और बरौली अंचल के सीओ कृष्णकांत चौबे पर कार्रवाई हो चुकी है. अब तीसरे सीओ मांझा अंचल के शाहिद अख्तर हैं, जिनपर जांच चल रही है. लगातार हो रही कार्रवाई से हड़कंप मचा है.

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