लखनऊ: सुब्रत राय को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस खाली हाथ लौटी; 1 घंटे तक चली छापेमारी में नहीं मिला सुराग, कई दस्तावेज जब्त

लखनऊ: सुब्रत राय को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस खाली हाथ लौटी; 1 घंटे तक चली छापेमारी में नहीं मिला सुराग, कई दस्तावेज जब्त

लखनऊ के सहारा शहर में शाम को सुब्रत राय को गिरफ्तार करने के लिए बिहार पुलिस की टीम उनके घर पहुंची। उनके साथ 4 आईपीएस और लखनऊ के 4 थानों की पुलिस भी थी। पूरे सहारा शहर में करीब 1 घंटे तक छापे डाले गए लेकिन सुब्रत राय का पता नहीं चला। ऐसे में पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।

पुलिस का कहना है कि छापेमारी के दौरान उन्हें कुछ मजबूत डॉक्यूमेंट मिले हैं। जिनके आधार पर जांच पड़ताल की जाएगी। सुब्रत राय के खिलाफ दबिश की कार्रवाई तेज की जाएगी।

बिहार की उपभोक्ता फोरम ने जारी किया है वारंट

लखनऊ कमिश्नर के डीसीपी एस.एस कासिम आब्दी ने बताया कि जिला उपभोक्ता फोरम नालंदा की तरफ से सुब्रत राय सहारा के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया गया था। जिसके तहत संभावित जगह पर पुलिस की तरफ से छापेमारी की जा रही है। पुलिस को आशंका थी कि सुब्रत राय सहारा अपने लखनऊ स्थित आवास पर छिपे हैं। जिसके बाद उनके घर पर छापेमारी की गई।

नवादा शहर की रहने वाली महिला उपभोक्ता फोरम में किया केस

नवादा शहर के जवाहर नगर में रहने वाली पूनम सिन्हा ने उपभोक्ता फोरम में सहारा इंडिया बैंक के खिलाफ वाद दायर किया है। जिसमें उनकी तरफ से कहा गया है कि उनके पति निर्मल कुमार सिन्हा ने सहारा इंडिया बैंक में 12.04 लाख रुपए जमा किए थे। यह रकम ब्याज के साथ एक जून 2019 को बैंक की ओर से उपभोक्ता को लौटानी थी।

इसी दौरान पूनम सिन्हा के पति निर्मल कुमार सिन्हा की डेथ हो गई। वादी के वकील रोहित सिन्हा के मुताबिक पूनम सिन्हा ने वाद दायर कर कहा था कि उनके पति निर्मल कुमार सिन्हा ने सहारा इंडिया में 12.04 लाख रुपए जमा किए थे। यह राशि ब्याज के साथ एक जून 2019 को बैंक की ओर से उपभोक्ता को लौटानी थी।

सहारा बैंक पर 12 लाख रुपए हड़पने का आरोप

इसी दौरान पूनम सिन्हा के पति निर्मल कुमार सिन्हा की डेथ हो गई। इस पर पूनम ने पति की ओर से जमा राशि ब्याज के साथ पाने के लिए सहारा बैंक शाखा में अर्जी दी। लेकिन बैंक ने रकम लौटाने के बजाय सलाह दी की वह इस राशि को बैंक के दूसरे स्कीम में जमा कर दे।

इस पर पूनम ने पति की ओर से जमा राशि ब्याज के साथ पाने के लिए सहारा बैंक शाखा में अर्जी दी। इस पर बैंक ने रकम लौटाने के बजाय सलाह दी की वह इस राशि को बैंक के दूसरे स्कीम में जमा कर दे।

पूनम ने बैंक को बताया कि पति की डेथ के बाद उन्हें घर चलाने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। इसलिए वह रकम को इन्वेस्ट करने के बजाय बैंक से निकालकर परिवार की जरूरतें पूरा करना चाहती हैं। इस पर बैंक के कर्मचारी का रुख बदल गया और वे नियम कायदे समझाकर रुपयों का भुगतान करने से मना करने लगे। परेशान होकर पूनम सिन्हा ने सहारा इंडिया के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया।

डीसीपी एस एस कासिम आब्दी ने बताया कि वारंट के बाद गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

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