Winter session से पहले बोले PM- उम्मीद है सभी दल सदन चलाने में सहयोग देंगे, हो-हल्ला से कई सांसद मायूस

Winter session से पहले बोले PM- उम्मीद है सभी दल सदन चलाने में सहयोग देंगे, हो-हल्ला से कई सांसद मायूस

संसद के शीतकालीन सत्र का आज का आगाज हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद का यह सत्र बेहद ही महत्वपूर्ण है। हम सब ऐसे समय में मिल रहे हैं जब हमारे देश जी-20 की मेजबानी का अवसर मिला है। विश्व समुदाय में जिस तरीके से भारत का स्थान बना है, भारत से अपेक्षाएं बढ़ी है और जिस तरह से वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी बढ़ती जा रही है, ऐसे में जी-20 की मेजबानी भारत को मिलना एक बहुत बड़ा असर है। जी20 भारत के सामर्थ को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को भारत को जानने का यह बहुत बड़ा काम असर है। मोदी ने साफ तौर पर कहा कि विश्व में भारत का स्थान काफी अहम हो गया है। 

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस सत्र में देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत को आगे बढ़ाने के नए अवसर, उन सब को ध्यान में रखकर कई महत्वपूर्ण निर्णय करने का इस सत्र में प्रयासों होगी। मुझे विश्वास है कि सभी राजनीतिक दल चर्चा को और बढ़ाएंगे। अपने विचारों से निर्णयों को नई ताकत देंगे। उन्होंने सभी पार्टी के नेताओं से आग्रह किया कि जो नए सांसद आए हैं, जो पहली बार सदन में आए हैं, उनके उज्जवल भविष्य के लिए हम ज्यादा से ज्यादा उन्हें बोलने का मौका देंगे। मोदी ने कहा कि शीतकालीन सत्र का आज प्रथम दिन है, यह सत्र महत्वपूर्ण इसिलए है क्योंकि 15 अगस्त के पहले हम मिले थे, 15 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव पूरा हुआ और हम अमृत काल में आगे बढ़ रहे हैं। 

मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी राजनीतिक दल, इस सत्र के दौरान चर्चा के स्तर में मूल्यवृद्धि करेंगे। अपने विचारों से निर्णयों को नई ताकत देंगे व दिशा को और स्पष्ट रूप से उजागर करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं सभी पार्टी के लीडर और फ्लोर लीडर से आग्रह करना चाहता हूं कि जो पहली बार सदन में आए, जो नए सांसद हैं उनके उज्जवल भविष्य की और लोकतंत्र की भावी पीढ़ी को तैयार करने के लिए हम ज़्यादा से ज़्यादा अवसर उन सभी को चर्चा का अवसर दें।  उन्होंने कहा कि मेरी सभी सांसदों से जब भी अनौपचारिक मुलाकातें हुई है वे कहते हैं कि सदन में शोर-शराबे के बाद सदन स्थगित हो जाता है, जिससे हम सासंदों का बहुत नुकसान होता। युवा सांसदों का कहना है कि सदन न चलने के कारण हम जो सीखना चाहते हैं वो सीख नहीं पाते हैं। इसलिए सदन का चलना बेहद ज़रूरी है। ऐसा ही विपक्ष के सांसद का भी कहना है। मैं सभी दलों से आग्रह करता हूं कि इस सत्र को अधिक उत्पादक बनाने का सामूहिक प्रयास हम सभी करें। 

Leave a Reply

Required fields are marked *