100 रुपये महीने भी देने की हालत में नहीं था, वसीम अकरम ने सुनाई संघर्ष की कहानी

100 रुपये महीने भी देने की हालत में नहीं था, वसीम अकरम ने सुनाई संघर्ष की कहानी

नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम (Wasim Akram) को विश्व के महानतम गेंदबाजों की सूची में रखा जाता है. उन्होंने लंबे समय तक पाकिस्तान की टीम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व किया है. वह पाकिस्तान की विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं. हालांकि, उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुलासा किया है कि डेब्यू के दिनों में उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी और उनके पास पैसे भी नहीं थे.

अकरम ने ग्रेड क्रिकेटर से बातचीत के दौरान कहा, फर्स्ट क्लास क्रिकेट के पूर्व क्रिकेटर खालिद महमूद ने मुझे एक बार खेलते हुए देखा था. जिसके बाद उन्होंने मुझे लाहौर के एक क्लब में शामिल करवाया. मैंने उनसे कहा कि मैं क्लब में शामिल होने के लिए 100 रुपये महीने भी नहीं दे पाऊंगा. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चिंता मत करो, ये तुमसे पैसे नहीं लेंगे. कुछ दिनों बाद गद्दाफी स्टेडियम में एक शिविर के दौरान मैंने जावेद मियांदाद को गेंदबाजी की थी उस दौरान जावेद भाई मुझसे बहुत प्रभावित हुए थे

अकरम से आगे कहा, एक महीने के भीतर ही मेरा नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रथम श्रेणी मैच के लिए आ गया. टीम के मैनेजर ने मुझे 3000 रुपये दिए थे. मेरे लिए यह बहुत ज्यादा था. मेरे पापा मुझे हर महीने 200 रुपये ही देते थे. मुझे इस मैच में 7 विकेट मिले थे. लेकिन मुझे समझ नहीं आया था कि आखिर कैसे

बता दें कि वसीम अकरम 1992 विश्व कप टीम का हिस्सा थे. जहां पाकिस्तान ने इमरान खान के नेतृत्व में ट्रॉफी जीती थी. उस मुकाबले में अकरम 10 ओवरों में 3 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच भी चुने गए थे.

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